- दीपावली के बावजूद कई मार्गों पर नहीं चली रोडवेज बसें
- त्योहार पर जोखिम भरे सफर को मजबूर दिखे ग्रामीण यात्री
सिरोही. दीपावली के उपलक्ष्य में लोगों का आवागमन होता रहा, लेकिन रोडवेज को इससे कोई सरोकार नहीं था। अधिकतर रूटों पर बसों का संचालन ही रूका रहा। सिरोही से जालोर मार्ग पर मंगलवार को स्थिति गंभीर नजर आई। इस मार्ग पर वैसे ही गिनती की बसें संचालित की जा रही है। ऐसे में इक्का-दुक्का बसों का संचालन भी रूका रहने से यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। यहां तक कि कैलाशनगर मार्ग पर चलने वाली एकमात्र बस का संचालन भी बंद रहा। लिहाजा त्योहार के बावजूद ग्रामीण यात्री अवैध वाहनों से जोखिम भरा सफर करने को मजबूर हुए।
गिनी-चुनी बसों का संचालन तक रामभरोसे
पूर्व में जालोर मार्ग पर कई बसें संचालित थी, लेकिन धीरे-धीरे इन बसों को बंद कर दिया गया। गिनी चुनी बसें संचालित है भी तो कब कौनसा शेड्यूल बंद हो जाए कहना मुश्किल है। यानि इस रूट पर रोडवेज का सफर रामभरोसे ही है। लिहाजा इस रूट पर अवैध वाहनों की भी भरमार हो गई। इस कारण मजबूरन यात्रा के लिए लोगों को रोडवेज के बजाय निजी वाहनों या अवैध वाहनों से सफर करना पड़ रहा है।
पूरा रूट अवैध वाहनों के भरोसे
सिरोही से कैलाशनगर-मनादर व आगे जालोर व पाली जिले को जोडऩे वाले गांव भी हैं, लेकिन इन गांवों का सफर अवैध वाहनों के भरोसे ही है। इन गांवों के लिए रोडवेज की कोई बस नहीं है। आहोर (जालोर) से अहमदाबाद के लिए एक बस जरूर संचालित है, जो कैलाशनगर, जावाल होते हुए गुजरती है, लेकिन दीपावली के अवसर पर यह बस बंद रही। ऐसे में इस रूट के यात्री भारी परेशानी झेलने को विवश थे।
आखिर आगे तो अवैध वाहन ही मिलेंगे
बसों का संचालन बंद होने वाली स्थिति सिरोही-जालोर रूट पर भी नजर आई। इस मार्ग पर जावाल तक जरूर टैक्सी या ऑटो मिल जाते हैं, लेकिन इससे आगे बरलूट, मंडवारिया, वराडा व जालोर जिले के रायपुरिया, सियाणा, बागरा होते हुए जालोर के लिए बसों का टोटा बना रहा। ऐसे में लोग धक्के खाते हुए अवैध वाहनों में जाने को विवश दिखे।



