- पूर्व विधायक ने राज्यमंत्री व सांसद को कठघरे में खड़ा किया
सिरोही. अभी तक विक्रम टैक्स के नाम पर केवल कोड वर्ड में ही आरोप लगाए जा रहे थे, लेकिन मंगलवार को पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने स्थानीय विधायक व राज्यमंत्री ओटाराम देवासी एवं सांसद लुम्बाराम चौधरी पर खुले आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि रामझरोखा मंदिर के पट्टे राज्यमंत्री की सिफारिश से बने हैं। राज्यमंत्री के पुत्र पर करोड़ों के लेन-देन का आरोप लगाया। वहीं, सांसद लुम्बाराम चौधरी पर लगाए आरोप में कहा कि वे एक साल में ही करोड़ों का बजट लाना बताते हैं पर वे यह बताएं कि कैलाशनगर में करोड़ों रुपए की लागत से जो जीएसएस बन रहा है उसकी एक यूनिट भी जिले को नहीं मिलने वाली। जबकि, कई लोगों को उनकी खातेदारी भूमि से जबरन बेदखल किया जा रहा है। पूर्व विधायक ने कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए राज्य सरकार व प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया।
अफसर नहीं जानते बीएनएस की धारा
आईपीसी की धाराओं को भले ही बीएनएस में बदल दिया गया हो, लेकिन अफसर अभी तक शायद इन धाराओं से सरोकार नहीं रखते। पूर्व विधायक ने एक धारा का जिक्र करते हुए दो बार पूछा, लेकिन एक भी अफसर जवाब नहीं दे पाया। वक्तव्य के दौरान समीप खड़े पुलिस निरीक्षक से पूछा कि आईपीसी की फलां धारा थी, बीएनएस के तहत अब कौनसी धारा लगती है। जवाब नहीं मिला। इसी तरह कलक्टर कार्यालय में ज्ञापन देते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से भी यही पूछा, लेकिन वहां भी निराशा ही हाथ लगी।
चुटकी ली तो पानी मंगाया, कहा चाय फिर सही
ज्ञापन देने आए प्रतिनिधि मंडल में विधायक, पूर्व विधायक एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष तक शामिल थे, लेकिन काफी देर तक डिस्कशन चलने पर भी जिला कलक्टर ने पानी का नहीं पूछा। आखिर में जाते समय पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने ही जिला कलक्टर से पानी मांग लिया। इसमें थोड़ी देर हुई तो पूर्व विधायक ने चुटकी लेते हुए कहा कि चलिए, बाहर जाकर ही पी लेंगे। इस पर जिला कलक्टर ने वापस बैठाया तथा पानी मंगाया। फिर कलक्टर ने बात को संभालते हुए कहा कि आप ज्ञापन देने आए हैं इसलिए आज पानी ही चाय फिर कभी सही।



