- टीम को दो माइंस में ही मिला हजारों मीट्रिक टन अवैध खनन
- सेलवाड़ा की खदानों में अवैध खनन की शिकायत पर ड्रोन सर्वे
सिरोही. सेलवाड़ा की मार्बल खदानों में हजारों मीट्रिक टन अवैध खनन की पुष्टि हुई है। महज दो खदानों की जांच में ही बड़ी मात्रा में अवैध खनन सामने आया है। सेलवाड़ा में अवैध खनन की शिकायत के बाद जोधपुर अधीक्षण अभियंता कार्यालय से जांच टीम भेजी गई थी। मामले में ड्रोन सर्वे से जांच करने पर दो खदानों में ही करीब 34 हजार मीट्रिक टन अवैध खनन की पुष्टि हुई है। इस पर खनन पट्टाधारकों पर 75 करोड़ रुपए की शास्ति आरोपित करना सामने आया है। वैसे यह सोचने वाली बात है कि शिकायत के बाद जब अवैध खनन की पुष्टि हुई है तो खनन विभाग के स्थानीय अधिकारी अभी तक आखिर कहां सोए हुए रहे।
जांच के लिए अन्य जिलों से भेजे फोरमैन
सेलवाड़ा की खदानों में जांच रिपोर्ट के लिए जोधपुर से टीम भेजी गई थी। इसमें स्थानीय अधिकारियों को शामिल नहीं किया गया। टीम में अलग-अलग जिलों से फोरमैन लगाए गए। इसमें हड़मताराम, प्रकाश माली, आशीष सोनी व नवनीत परिहार को शामिल रहे।
कौन तय करेगा इनकी जिम्मेदारी
सेलवाड़ा की दो खदानों में ही भारी मात्रा में खनन किया गया है। इन मामलों में स्थानीय अधिकारी अर्से से मूकदर्शक बने रहे। अवैध खनन एवं नियम विरुद्ध तरीके से अपशिष्ट डाले जाने के मामले इनकी नजर में नहीं आ रहे। उच्चस्तरीय जांच में इस तरह का मामला सामने आने के बाद अवैध खनन को लेकर मूकदर्शक बने रहे जिम्मेदारों पर भी कोई कार्रवाई होती है या नहीं यह सोचने वाली बात है। उल्लेखनीय है कि सेलवाड़ा क्षेत्र में चल रही मार्बल की खदानों में अवैध ब्लास्टिंग व निर्धारित से बाहर क्षेत्र में खनन किए जाने की शिकायत के बाद जांच हुई है। ज्ञापन में खनन पट्टा धारक ओम माइंस एंड मिनरल्स, योगेश गुप्ता व सीमा अग्रवाल के खिलाफ नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था।



