
- छवि चमकानी है या हंसी का पात्र बनवाना है यह वे ही जाने
- माननीय ने फ्री हैंड कर रखा है इसलिए बटरिंग तो बनती है
सिरोही. हमारे माननीय गुणवान न होते तो सत्ता तक न पहुंचते, लेकिन प्रचार का जिम्मा जब नौसिखियों के हाथ हो तो बटरिंग के चक्कर में कब क्या बोल या लिख दे, कह नहीं सकते। यहां तक कि माननीय को ही कम गुणवान बताते देर नहीं लगती। लगता है माननीय ने इनको कुछ ज्यादा ही कमान दे रखी है या यूं कहे कि एक तरह से फ्री हैंड कर रखा है। लिहाजा माननीय की नजरों में अपना नम्बर और ज्यादा बढ़ाने की खातिर कुछ बटरिंग तो बनती ही है। अब बटरिंग के चक्कर में तुकबंदी ही ऐसी बन गई तो कोई क्या कर सकता है। इस तुकबंदी से माननीय की छवि चमकानी है या हंसी का पात्र बनवाना है यह गनमैन ही जाने।
माननीय को ही मनवा दिया वे इतने गुणवान नहीं है
मामला सिरोही के एक जनप्रतिनिधि से जुड़ा हुआ है। तुकबंदी में अपनी तरफ से जब माननीय को ही मनवा दिया कि वे इतने गुणवान नहीं है तो आखिर हम किस खेत की मूली है। तुकबंदी आई तो कई लोगों ने ठेंगा दिखाती, हाथ जोड़ती, लव यू और ताकत दिखाती इमोजीज भी पोस्ट कर दी। खैर, जो भी हो हमें क्या करना है माननीय के गनमैन और वो भी खासोखालुस, हम कौन होते हैं उनकी तुकबंदी या कविताओं पर अंगुली उठाने वाले।
तलवार वाली बालाओं के बीच खड़े माननीय
माननीय की छवि चमकाने के लिए गनमैन ने सोशल मीडिया पर एक तुकबंदी लिख दी। बकायदा माननीय का फोटो व उनके साथ हाथों में तलवार लेकर बालाएं खड़ी नजर आ रही है। इसी फोटो के साथ तुकबंदी वायरल कर दी। अब फोटो तो अच्छा ही है, लेकिन इसके साथ तुकबंदी की जो चार पंक्तियां लिख दी पर उसका अर्थ इनको भी शायद ही पता हो।
खासोखालुस गनमैन की गजब की तुकबंदी
हो सकता है तुकबंदी समझने में हमसे कोई भूल हो गई हो या यह भी हो सकता है माननीय के खासोखालुस गनमैन ने बहुत ही गजब की तुकबंदी की हो। इसलिए ज्यादा तो कुछ नहीं कहेंगे पर फैसला हम आप पर ही छोड़ते है। अब आप यह तुकबंदी पढि़ए और इसका अर्थ निकालिए या अनर्थ का मजा लीजिए, यह आप जानें। पढि़ए माननीय के गनमैन की यह तुकबंदी …
हमारी कश्ती के अब हम ही है कप्तान!
हमने थाम ली हाथ में अपनी कमान।।
माना, हम नहीं हैं इतने गुणवान,
पर हमारी मेहनत जारी करेगी अपने फरमान।।
… इस तुकबंदी के साथ ‘स्माइलिंग फेस विद् हर्ट आइज’ की इमोजी भी बना रखी है।



