- स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर भाजपा पदाधिकारी के आरोप
- जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई किए जाने की रखी मांग
सिरोही. स्वास्थ्य महकमे की बेपरवाही से जनता को मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। महकमे की कार्यशैली पर अंगुली उठाते हुए भाजपा पदाधिकारी ने जिम्मेदार अधिकारियों पर आरोप लगाए हैं। वहीं, पंचायतराज राज्यमंत्री को पत्र देकर कड़ी कार्रवाई किए जाने एवं जांच योजना की सुचारू क्रियान्विति के लिए सीएचसी स्तर पर लैब टेक्नीशियन की कमी पूरी करने की भी मांग रखी।
भाजपा जिला मीडिया प्रभारी रोहित खत्री ने बताया कि सिरोही जिले की अधिकतर सीएचसी व पीएचसी में सरकार की ओर से निर्धारित जांचें नहीं हो रही है। वर्तमान में लीवर, किडनी, शुगर, कोलेस्ट्रॉल आदि के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार ने बायोकेमेस्ट्री जांचें मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना में शामिल कर रखी है, लेकिन जिले की एक भी सीएचसी में यह जांचें नहीं हो रही हैं। ऐसे में मरीजों को मजबूरन उपचार के लिए गुजरात जाना पड़ रहा है। उन्होंने इसके लिए सीएमएचओ समेत अन्य अधिकारियों की कार्यशैली पर भी अंगुली उठाई।
केवल कागजों में सिमट गई योजना
पत्र में बताया कि जिले की सभी 12 सीएचसी में बायोकेमेस्ट्री जांच का अभाव विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अधिकारियों की लापरवाही से मुख्यमंत्री निशुल्क योजना कागजों में सिमट कर रह गई है। बताया कि प्रदेश में जांच व उपचार सुविधा निशुल्क होते हुए भी हर रोज सैकड़ों मरीज उपचार के लिए गुजरात जाने एवं निजी अस्पतालों में उपचार करवाने को मजबूर है। विभागीय लापरवाही के चलते यह जांच व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी होने से मरीज परेशानी झेल रहे हैं।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई करेंगे
जिला मीडिया प्रभारी ने राज्यमंत्री से सीएचसी में लैब टेक्नीशियन की कमी को पूरा किए जाने एवं जांच की खराब मशीनों की मरम्मत या नई लगाई जाने की मांग रखी। साथ ही बताया कि चिकित्सा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के कारण भाजपा सरकार की छवि धूमिल हो रही है उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस पर राज्यमंत्री देवासी ने भरोसा दिलाया कि जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के खिलाफ सख्त एक्शन का लिया जाएगा।



