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बगैर जांच ठीकरा फोडऩे का आरोप, विरोध में उतरे कर्मचारी

  • पशुपालन विभाग के कार्मिकों ने काली पट्टी बांध किया कार्य
  • विधायक की उपेक्षा पर अधिकारी को एपीओ करने का मामला

सिरोही. पशुपालन विभाग में अधिकारी को एपीओ किए जाने के मामले में कार्मिकों ने विरोध जताया है। सोमवार को कार्मिकों ने काली पट्टी बांध कर कार्य किया। आरोप है कि बगैर जांच किए ही अधिकारी को एपीओ करना गलत है। कार्मिकों का कहना रहा कि प्रोटोकॉल की अवहेलना या विधायक की उपेक्षा के मामले में जिम्मेदारी तय किए बगैर ही किसी अधिकारी पर ठीकरा फोडऩा गलत है। मामला मंडार में चल रहे लीलाधारी महादेव पशु मेले से जुड़ा हुआ है। यहां कार्यक्रम में आबू-पिण्डवाड़ा विधायक समाराम गरासिया ने अपनी उपेक्षा का आरोप लगाया था। इस पर विभाग ने कार्यवाहक संयुक्त निदेशक डॉ.अमित चौधरी को एपीओ कर दिया।

एपीओ कार्रवाई करना न्यायसंगत नहीं
कार्मिकों ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान विधायक की कथित उपेक्षा के मामले में जांच होनी चाहिए थी, ताकि मामले में किस अधिकारी या कार्मिक की भूमिका रही वह सामने आ जाता, लेकिन जिम्मेदारी तय किए बगैर ही एपीओ कार्रवाई कर दी गई। इस तरह से किसी एक अधिकारी को दोषी मानते हुए एपीओ कार्रवाई करना न्यायसंगत नहीं कह सकते। विभाग को इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।

आखिर क्यों सौंपा गया था पदभार
बताया जा रहा है कि एपीओ हुए अधिकारी रेवदर में उप निदेशक पदस्थापित थे। उन्हें सिरोही मुख्यालय पर संयुक्त निदेशक का पदभार सौंपा गया था। वहीं, मुख्यालय पर कार्यरत उप निदेशक को उनके एपीओ होने के बाद संयुक्त निदेशक का पदभार सौंपा गया है। सवाल यह कि जब मुख्यालय पर पहले से ही अधिकारी कार्यरत थे तो रेवदर से समकक्ष अधिकारी को यह पदभार क्यों सौंपा गया था।

पशु मेले में हुई अश्व प्रतियोगिता
उधर, लीलाधारी महादेव पशु मेले में अश्व प्रतियोगिता हुई। इसमें सलीम खान के घोड़े व शैतानसिंह की घोड़ी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। सोमवार को हुई प्रतियोगिता में उत्कृष्ट नस्ल के अश्वों का प्रदर्शन किया गया। निर्णायक मंडल टीम ने प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहे अश्वों का चयन किया।

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