
- प्रदर्शन कर प्रशासक पदमुक्त कार्रवाई को ठहराया गलत
- कार्रवाई वापस नहीं ली तो सफाई बहिष्कार की चेतावनी
सिरोही. स्वच्छता अभियान में बेपरवाही के आरोप में पंचायतों पर हुई कार्रवाई से प्रशासकों में रोष व्याप्त है। गुरुवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर जिला परिषद सीईओ को ज्ञापन सौंपा।
इसमें बताया कि अतिरिक्त आयुक्त ने गत दिनों जिले की तीन पंचायत शिवगंज ब्लॉक में बागसीन व रेवदर ब्लॉक में सिरोड़ी व सनवाड़ा का निरीक्षण किया था। इसके बाद स्वच्छता अभियान में लापरवाही का आरोप लगाते हुए सीधे ही इन पंचायतों के प्रशासकों को पदमुक्त कर दिया गया, जो सही नहीं है। पंचातयों में सीमित संसाधन व बजट के अनुकूल कार्य किया जा रहा है। कुछ त्रुटि रहने पर सुधारात्मक उपाय सुझाने चाहिए थे, लेकिन जनप्रतिनिधियों एवं कार्मिकों पर सीधे कार्रवाई के आदेश जारी करना गलत है। किसी तरह की चेतावनी या नोटिस दिए बगैर पदमुक्त व कार्मिकों के निलम्बन कार्रवाई से प्रशासकों में रोष व्याप्त है। कार्रवाई वापस नहीं लिए जाने तक पंचायतों में सफाई कार्य का बहिष्कार किया जाएगा।
निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर कार्यवाही
उल्लेखनीय है कि गत दिनों पंचायतराज विभाग के अतिरिक्त आयुक्त बृजेशकुमार चंदोलिया ने पाली व सिरोही जिले में स्वच्छता मामले की जांच की थी। उनकी निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर पंचायतराज मंत्री मदन दिलावर ने कड़ी कार्यवाही की है। सिरोही जिले में रेवदर ब्लॉक की पंचायत सनवाड़ा व सिरोड़ी एवं शिवगंज ब्लॉक के बागसीन में स्वच्छता अभियान के तहत बेपरवाही मिली। इन गांवों के प्रशासक कार्य मुक्त कर दिए गए। वहीं, ग्राम विकास अधिकारी एवं कलस्टर प्रभारी निलम्बित किए हैं।
अधिकारियों को भी दोषी माना गया
निरीक्षण में पाई गई कमियों के आधार पर ग्राम पंचायत के प्रशासकों को पदमुक्त व कलस्टर प्रभारी तथा ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित करने के आदेश दिए गए। साथ ही तत्कालीन विकास अधिकारी पंचायत समिति रेवदर व शिवगंज तथा अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिरोही को भी लापरवाही बरतने का दोषी माना है। खंड विकास अधिकारी तथा अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी के खिलाफ एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी पर भी 17 सीसीए की कार्यवाही प्रस्तावित की गई है।



