
- केंद्रीय बजट को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
सिरोही. केंद्रीय बजट को लेकर जिलेभर में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई। किसी ने सराहना की तो किसी ने लोक लुभावना बताया।
बजट में हर वर्ग का ख्याल रखा है
सांसद लुम्बाराम चौधरी ने इसे विकसित भारत के संकल्प को साकार करने वाला बताया। कहा कि बजट में हर वर्ग का ख्याल रखा गया है। अंत्योदय की विचारधारा को ध्यान में रखते गरीब, किसान, युवा व महिला सहित सभी वर्गों को मजबूती देने का काम किया गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी रोजगार बढ़ाने वाला बजट है। सरकारी गल्र्स हॉस्टल खुलने से लड़कियों को पढ़ाई व कोचिंग के लिए सुरक्षित और रहने को सस्ती सुविधा मिलेगी।
आधुनिकता और विरासत का संगम है बजट
पंचायतराज राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि आधुनिकता और विरासत का यह संगम स्वस्थ, समर्थ और आत्मनिर्भर भारत की नींव को और मजबूत करेगा। प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 के विराट संकल्प का ठोस और दूरदर्शी रोडमैप है।
प्रगति को नई दिशा देने वाला बजट
जिला महामंत्री गणपतसिंह राठौड़ ने बताया कि देश की प्रगति को नई दिशा देने वाला बजट है। आर्थिक सशक्तीकरण व निवेश को प्रोत्साहन देने समेत उद्योगों को मजबूती और रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
सर्वसमावेशी और जनकल्याणकारी बजट
पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष लोकेश खंडेलवाल ने केंद्रीय आम बजट का स्वागत करते हुए इसे देश को नई दिशा देने वाला व सर्वसमावेशी और जनकल्याणकारी बजट बताया। कहा कि यह बजट आर्थिक सशक्तीकरण, जनआकांक्षाओं की पूर्ति और समावेशी विकास इन तीन मजबूत स्तंभों पर आधारित है। गरीब व मध्यम वर्ग की मूलभूत आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा गया है।
हर साल में हर बजट एक कदम आगे बढ़ा है
वहीं, भाजपा नेता विशनसिंह देवड़ा ने इसे विकसित भारत का बजट बताते हुए कहा कि इसमें हर वर्ग का ख्याल रखा गया है। हर साल में हर बजट एक कदम आगे बढ़ा है। इस साल का बजट भी भारत को विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में एक कदम और आगे ले जाएगा। जिलाध्यक्ष रक्षा भंडारी, जिला प्रमुख अर्जुनराम, जिला मीडिया संयोजक रोहित खत्री, नगर मंडल अध्यक्ष चिराग रावल आदि ने भी बजट को सराहनीय बताया।
निराशाजनक रहा केंद्रीय बजट
पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने बजट को निराशाजनक बताया। कहा कि बजट पेश होते ही शेयर मार्केट धड़ाम हो गया है, जिससे प्रमाणित है कि बजट उम्मीदों पर खरा नहीं है। महंगाई पर नियंत्रण के लिए कोई प्रावधान नहीं है। मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह बजट कोढ़ में खाज का काम करने वाला है। लगातार बढ़ती टैक्स दरो एवं आयकर में राहत की उम्मीद थी, जो पूरी नहीं हुई। राजस्थान में ईआरसीपी की घोषणा की उम्मीद थी जिससे 15 जिलों को पानी की उपलब्धता होती। सिरोही जिले के लिए रेल मार्ग, हवाई अड्डे की एवं माही व्यास के पानी की उम्मीदें भी अधूरी रह गई।



