
- जांच कमेटी की रिपोर्ट में सामने आए तीन वीडीओ के कारनामे
- खुलकर सामने आया पांच वर्षीय कार्यकाल का पूरा भ्रष्टाचार
सिरोही. रेवदर पंचायत समिति की रायपुर ग्राम पंचायत में अनियमितताओं की जांच के दौरान भ्रष्टाचार की परतें खुलकर सामने आई है। बगैर कार्य किए ही भुगतान उठाए जाने एवं नियमों को ताक पर रखते हुए कार्य करने के मामले भी सामने आए हैं। तीन सदस्ीय जांच कमेटी की रिपोर्ट में यह स्प्ष्ट हुआ है कि पांच वर्ष के दौरान न केवल तत्कालीन सरपंच वरन् तीन-तीन ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) इस मामले में सम्मिलित रहे। यानि ग्राम पंचायत में जो भी वीडीओ कार्यरत रहा उसी ने बहती गंगा में हाथ धो लिए। अब देखना है दोषियों पर कितनी सख्ती से कार्रवाई हो पाती है।
जिला परिषद सीईओ को भेजी रिपोर्ट
ग्राम पंचायत में हुए कार्यों की शिकायत के बाद पंचायत समिति ने जांच रिपोर्ट के आदेश जारी किए। इसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई। इस कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट विकास अधिकारी हेमाराम को सौंप दी है। वहीं, विकास अधिकारी ने भी इस सम्बंध में टिप्पणी लिखते हुए जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को रिपोर्ट सुपुर्द कर दी है।
अनियमितता, गबन व भ्रष्टाचार के आरोप
रायपुर पंचायत में गत पांच वर्षों में हुए कार्यों को लेकर ग्रामीणों ने पंचायतराज मंत्री व जिला परिषद सीईओ को शिकायत भेजी थी। इसमें गत पांच वर्षों में आबादी भूमि के पुश्तैनी पट्टे, गोचर में पट्टे जारी करने, सरकारी राशि का दुरुपयोग कर राशि का गबन करने, घटिया निर्माण कार्य करवाए जाने, स्वीकृत से अन्य जगह व निजी हित के लिए निर्माण कार्य करवाने के सम्बंध में जांच की मांग की गई थी।
जांच कमेटी ने इनको माना दोषी
उधर, जांच कमेटी की ओर से जारी रिपोर्ट में तत्कालीन सरपंच व प्रशासक छगनलाल एवं रायपुर पंचायत में कार्यरत रहे ग्राम विकास अधिकारी फाउलाल, हनुमानाराम व श्रवणकुमार आदि को दोषी माना गया है। तकनीकी अधिकारियों को भी जांच कमेटी ने दोषी मानते हुए कार्रवाई किए जाने की अनुशंसा की है। अब देखना है तत्कालीन सरपंच व वीडीओ समेत अन्य कार्मिकों पर कार्रवाई कब तक हो पाती है।



