शायद सीएम भी कहेंगे वाह क्या क्लीन सिटी है, कीप इट अप
- तो क्या मुख्यमंत्री को हकीकत से दूर रखना चाह रहे अधिकारी
- संगठन पदाधिकारी भी सब बढिय़ा दिखाने की जुगत में जुटे
सिरोही. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सिरोही दौरे को लेकर प्रशासनिक व संगठनात्मक स्तर पर बड़ी तैयारियां की गई है। लेकिन, जमीनी स्तर पर हकीकत कुछ और ही है। मुख्यमंत्री के सामने सब कुछ बढिय़ा दिखाने के लिहाज से हवाई पट्टी से लेकर सभा स्थल तक चाक-चौबंद व्यवस्थाएं रखी गई है। रातोंरात नई सडक़ तक बना दी गई। यहां तक कि मुख्यमंत्री के आवागमन के रास्ते में किनारों पर दिखने वाला कचरा हटाने के बजाय तिरपाल की कनात खींच दी गई। कचरा व गंदगी दिखेगा ही नहीं तो सीएम भी कहेंगे वाह क्या क्लीन सिटी है, अधिकारियों व भाजपा पदाधिकारियों को कह भी सकते है कीप इट अप।
आप सिटी से आते तो विकास भी दिखता
सीएम सर, आप सिटी से होकर आएंगे ही नहीं तो आपको अपनी सरकार का विकास कैसे दिखेगा। हां, यह हो सकता है विकास इतना ज्यादा हो गया हो कि अब अधिकारी इससे ज्यादा कुछ करने के मूड में ही न हो। शायद यही कारण है कि सभा स्थल के लिए इस बार हवाई पट्टी से निकलते ही टाउन हॉल के पास से रास्ता निकाल दिया गया। वैसे अभी तक इस जगह आने वाले वीआईपी हमेशा ही मुख्य रास्ते से होकर आते रहे हैं।
ताकि टूटा हाईवे नजरों में न आए
लगता है भाजपा पदाधिकारी भी अपने नम्बर बढ़ाने के लिहाज से मुख्यमंत्री को सब कुछ बढिय़ा दिखाना चाह रहे हैं। यही कारण है कि जिला तो क्या शहर में ही बिगड़ी व्यवस्थाओं को कनात से ढंका जा रहा है। यहां तक कि महज कुछ फीट का टूटा-फूटा हाईवे भी मुख्यमंत्री की नजारों में न आए इसलिए उनके चलने को अलग से रास्ता खोल दिया गया।
तो मौत पर मिट्टी की लीपापोती न होती
वैसे सीएम सर, एक बात तो है आपके आने से ही सही पर प्रशासनिक अमला मुस्तैद हो गया। आप अपना शेड्यूल यदि सडक़ मार्ग से बनाते तो हादसों का हाईवे भी ठीक हो जाता। टाउन हॉल के बाहर जिस जगह आनन-फानन में सडक़ बनाई गई है उससे महज कुछ फीट दूर ही हाईवे के गड्ढे हाल ही में एक किशोरी की जान ले चुके हैं। हां, मौत पर मिट्टी की लीपापोती जरूर हो गई, लेकिन इतने दिन बाद भी न तो हाईवे दुरुस्त हुआ और न हादसों की रोकथाम।



