- जल-जंगल व जमीन बचाने का आंदोलन तेज
सिरोही. पिण्डवाड़ा क्षेत्र में प्रस्तावित कमलेश मेटाकास्ट खनन परियोजना को निरस्त कराए जाने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब वृहद रूप ले रहा है। ग्रामीणों ने इसके लिए पदयात्रा शुरू की है। आगामी दिनों में जन आंदोलन किया जाना है, जिसके लिए जन समर्थन जुटाया जा रहा है। ग्रामीणों की पदयात्रा को भी भरपूर समर्थन मिल रहा है।
आक्रोशित ग्रामीणों ने खनन परियोजना के खिलाफ शनिवार को जनजाग्रति पदयात्रा निकाली। शुरुआत भारजा गांव से की गई। पदयात्रा तरूंगी, भीमाना, वाटेरा और रोहिड़ा होते हुए शाम को सरूपगंज पहुंची, जहां रात्रि विश्राम किया गया। रविवार को अन्य गांवों से होते हुए पदयात्रा निकाली जाएगी। ग्रामीणों का कहना रहा कि इस मुहिम के जरिए अरावली पर्वतमाला को बचाने एवं पर्यावरण के लिए विनाशकारी खनन परियोजना को रद्द करवाना अहम उद्देश्य है।
पदयात्रा का जगह-जगह स्वागत
ग्रामीणों की इस पदयात्रा का ग्रामीणों ने जगह-जगह स्वागत किया। साथ ही आंदोलनकारियों का उत्साह बढ़ाया गया। लोगों ने हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। पदयात्रा के दौरान ग्रामीणों को इस खनन परियोजना के दुष्परिणाम बताए गए। जल-जगल व जमीन बचाने के लिए लोगों को पर्यावरण का महत्व बताते हुए जागरूक किया गया। आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने गांवों में जागरूकता जगाई कि अरावली राजस्थान की जीवन रेखा है।



