
- सिलेंडर में आग से झुलसे लोगों को मुआवजा नहीं देना सेवा दोष
सिरोही. जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने सिलेंडर में आग से झुलसे लोगों को मुआवजा देने के आदेश पारित किए है। आयोग ने सिलेंडर में आग से झुलसे लोगों को मुआवजा नहीं देना सेवा में दोष माना है।
आदेश में बताया कि एक मई, 2020 को घर में चाय बनाते समय सिलेंडर में लगी आग से भंवरीदेवी झुलस गई थी। उपचार के दौरान उनका देहांत हो गया। भंवरीदेवी को बचाने में परिवार के सदस्य भरतकुमार व लीला भी बुरी तरह झुलस गए। पिता मगनलाल के घर का सामान भी जल गया। परिवादी ने सिरोही गैस सर्विस व एचपी गैस को मुआवजा दिलवाने का निवेदन किया पर इन्होंने कोई प्रयास नहीं किया।
आयोग ने विपक्षी के इस कृत्य को सेवा में कमी माना। इससे हुए मानसिक-शारीरिक संताप के लिए पचास हजार रुपए व परिवाद व्यय के लिए पांच हजार रुपए मुआवजा अदा करने का आदेश दिया। वहीं, सिलेंडर दी न्यू इण्डिया इंश्योरेंस कंपनी से बीमित होने से आयोग ने 45 दिनों में बीमा पॉलिसी की पब्लिक लायबिलिटी के तहत 28 लाख रुपए मृतका भंवरीदेवी के पति दिनेशकुमार एवं झुलसे भरतकुमार व लीला को पांच-पांच लाख व पिता मगनलाल को एक लाख रुपए अदा करने के आदेश दिए। सुनवाई आयोग अध्यक्ष अभिमन्युसिंह राठौड़, सदस्य नवीनचंद्र मिश्रा व जया मिस्त्री ने की।



