- वीबी-जीराम-जी योजना पर लगतार आ रही प्रतिक्रियाएं
सिरोही. वीबी-जीराम-जी योजना को लेकर जहां विपक्ष लगातार हमलावर हो रहा है, वहीं, भाजपा भी लगातार लोगों को जागरूक करने में जुटी हुई है। कांग्रेस नेता इन दिनों गांवों में भ्रमण करते हुए इस योजना की खामियां गिना रहे हैं। उनका कहना हैं कि योजना का नाम तो बदला ही है लोगों का रोजगार छीनने व ग्रामीण अर्थव्यवस्था को खत्म करने का प्रयास किया गया है। वहीं, भाजपा इस योजना के बदले हुए नाम को लेकर यह दावा कर रही है कि योजना को संशोधित किया है तथा यह स्थायी आजीविका की गारंटी देने वाली योजना है। इससे गांवों में रोजगार व आत्मनिर्भरता की नई क्रांति आएगी।
लगातार दो दिन से दे रहे प्रतिक्रिया
भाजपा जिलाध्यक्ष ने सोमवार को प्रेस नोट जारी कर इस सम्बंध में अपनी प्रतिक्रिया दी है। महज एक दिन पहले ही भाजपा ने योजना को लेकर पत्रकार वार्ता की थी। इसमें योजना को लेकर जानकारी साझा की थी। इस दौरान राज्यमंत्री ओटाराम देवासी व सांसद लुम्बाराम चौधरी के साथ जिलाध्यक्ष भी शामिल रहीं। इसी मुद्दे पर एक ही दिन बाद वापस प्रतिक्रिया देने का औचित्य समझ से परे हैं।
आजीविका पर सरकार का सीधा हमला
उधर, पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने शिवगंज तहसील के खन्द्रा, अरठवाड़ा, भेव, पोसालिया, बागसीन, वाण, अंदोर व मोरली का दौरा कर ग्रामीणों को सम्बोधित किया। आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ग्रामीणों की आजीविका पर सीधा हमला कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार मनरेगा को कमजोर करने की साजिश कर रही है। पहले पूरा बजट केंद्र सरकार देती थी, वहीं अब 60 प्रतिशत राशि केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य सरकार पर डाल दी गई है, जिससे साफ है कि सरकार की मंशा मनरेगा से पल्ला झाडऩे की है।
योजना का दुष्प्रचार कर रही कांग्रेस
भाजपा जिलाध्यक्ष रक्षा भंडारी ने बताया कि यह योजना स्थायी आजीविका की गारंटी है। आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी लोगों को भ्रम में डालकर योजना का दुष्प्रचार कर रही है। योजना श्रमिकों के कल्याण और गांवों के समग्र विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम है। आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में मनेरगा भ्रष्टाचार का केंद्र बनी हुई थी। अब पुराने प्रावधानों को संशोधित करते हुए गांवों को अधिक अधिकार और स्वायत्तता दी गई है, जिससे पलायन रूकेगा एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।



