खनिज महकमे की मौन स्वीकृति में माफिया कर रहा वारे-न्यारे
- नशा तस्करी की तरह चल रहा बजरी का अवैध कारोबार
- बजरी भरे वाहनों के आगे चलते हैं एस्कॉर्ट वाहन भी
सिरोही. नदी-नालों का दोहन और बजरी का अवैध खनन लगातार जारी है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर न तो ठोस कार्रवाई हो रही है और न खनन रूक रहा है। कभी-कभार की हल्की-फुल्की कार्रवाई खनन माफिया को शह दे रही है। अवैध खनन किस तरह से फल-फूल रहा है इसका अंदाजा इसी से लगा सकते है कि बजरी भरे वाहनों को एस्कॉर्ट किया जाता है। जिस तरह नशीले पदार्थों की तस्करी का तरीका अपनाया जाता है उसी तरह बजरी का भी परिवहन किया जा रहा है। पर्यावरण को संकट में डालते हुए खनन कारोबारी लाखों के वारे-न्यारे कर रहे हैं, लेकिन माफिया की तरह चल रहे इस कारोबार की रोकथाम को लेकर कोई खास प्रयास नहीं हो रहा।
इसलिए आसानी से पार हो रही बजरी
जिले के लगभग हर गांव व ब्लॉक में बजरी का जमकर दोहन किया जा रहा है। अवैध खनन की रोकथाम के लिए जिम्मेदार खनिज महकमा पूरी तरह चुप्पी साधे बैठा है। इसी के साथ पुलिस-प्रशासन भी मौन है। न तो अवैध खनन की रोकथाम हो रही है और न परिवहन पर शिकंजा कसा जा रहा है। ऐसे में रात-दिन बजरी भरे वाहन आसानी से पार हो रहे हैं।
बेधडक़ दौड़ रहे बजरी भरे वाहन
्रगांवों व कस्बों में बजरी वाहन बेधडक़ दौड़ रहे हैं, लेकिन पकड़ में आने का इनको कोई डर नहीं है। आखिर होगा भी क्यों, पुलिस या प्रशासनिक स्तर से इन पर कोई सख्त कार्रवाई तक नहीं हो रही। वृहद स्तर पर चल रहा यह अवैध कारोबार कभी-कभार की पुलिस कार्रवाई से रूक ही नहीं पा रहा। माना जा रहा है कि यह पूरा कारोबार खनिज महकमे व पुलिस की मौन स्वीकृति में चल रहा है।
डम्पर व कैम्पर जब्त, तीन गिरफ्तार
उधर, पुलिस ने सिरोही में बजरी भरा डम्पर पकडऩे में सफलता हासिल की है। जिला विशेष टीम ने 13 जुलाई को बजरी भरे डम्पर आरजे-24 जीए 4059 व इसे एस्कॉर्ट वाहन जीजे 08 सीआर 3093 को जब्त कर लिया। मामले में जावाल निवासी चम्पालाल पुत्र लीलाराम राणा, अखापुरा निवासी कैलाश पुत्र मंछाराम राणा व जावाल निवासी प्रवीणसिंह पुत्र करणसिंह राजपूत को गिरफ्तार कर लिया।



