- जलापूर्ति का वीडियो भी बन गया पर साहब बता रहे पता नहीं
- बंगले पर पानी खत्म हुआ तो फोन घूमाया और दमकल हाजिर
सिरोही. आग बुझाने के लिए दमकल भले ही समय पर पहुंचे या न पहुंचे पर साहब के बंगले पर जलापूर्ति के लिए जरूर पहुंचती है। अब साहब के घर पानी नहीं होगा तो दमकल से ही भेजना पड़ेगा। चौंकना लाजिमी पर हकीकत यही है। सिरोही में नगर परिषद आयुक्त के बंगले पर दमकल से जलापूर्ति की जा रही है। बताया जा रहा है कि साहब के बंगले पर पानी की किल्लत हो गई। फिर क्या था, फोन दनदनाए गए और दमकल हाजिर। टंकियों में पानी भरा और फिर वापस गैराज में। दमकल से पानी भरे जाने का एक वीडियो भी बना गया, लेकिन साहब से पूछा गया तो बस एक ही जवाब मिला, हमें पता नहीं जानकारी करेंगे। अब दमकल से पानी लाया गया है यह तो सच है पर साहब को पता क्यों नहीं इसका किसी को पता नहीं।
निजी उपयोग में नहीं ले सकते
नियमानुसार दमकल वाहन को निजी उपयोग में नहीं लिया जा सकता। इसका आवागमन भी लॉग बुक के आधार किया जाता है। दमकल वाहन को गैराज से निकालने से लेकर आग बुझाने के बाद वापस आने का पूरा हिसाब लॉग बुक में इंद्राज करना होता है। ऐसे में साहब के बंगले पर पानी आपूर्ति करना भी नियमों के तहत गलत ही है।
अधिकारी अनभिज्ञता जताते दिखे
दमकल से नगर परिषद आयुक्त के बंगले पर ही पानी आपूर्ति की गई, लेकिन जब उनसे पूछा गया तो जवाब मिला कि उनको जानकारी नहीं है। अब उनके बंगले पर ही पानी आया और वे ही अनभिज्ञता जताते दिखे। इसी तरह सहायक अग्निशमन अधिकारी ने भी अनभिज्ञता जताई।
मेरे आवास पर नहीं आया…
मैंने किसी से पानी नहीं मंगवाया। मेरे आवास पर दमकल से पानी कैसे आ सकता है, दो दिन से बाहर हूं। फिर भी जानकारी करता हूं।
- जोधाराम बिश्नोई, आयुक्त, नगर परिषद, सिरोही
कहीं पानी नहीं भेजा…
दमकल से किसी के यहां पानी नहीं भेजा गया, फिर भी वाहन चालक या अन्य कर्मचारी से पूछकर जानकारी करता हूं। - जालमसिंह, सहायक अग्निशमन अधिकारी, सिरोही



