
- राज्यमंत्री ने अपने पर लगाए आरोपों को बताया बेबुनियाद
- चुनावी रणभेरी के बीच शुरू हुई राजनीतिक हलचल
सिरोही. पंचायतराज व निकाय चुनावों की रणभेरी बजते ही राजनीतिक हलचल शुरू हो चुकी है। पंचायतराज राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने शुक्रवार को यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए रामझरोखा मंदिर की भूमि पर बने पट्टों के मामले में चुप्पी तोड़ते हुए अपनी सफाई दी। साथ ही अपने पर लगाए जा रहे आरोपों को बेबुनियाद बताया। वहीं, पूर्व विधायक पर महामंदिर की भूमि खुर्द-बुर्द किए जाने के आरोप लगाए। इस बीच विधानसभा क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों का भी बखान किया।
सिरोही की जनता को देवतुल्य बताते हुए कहा कि उन्हें जनता ने भारी मतों से आशीर्वाद दिया है उसे निभाने का बखूबी प्रयास कर रहे हैं। राज्यमंत्री ने पूर्व विधायक संयम लोढ़ा पर ओछी मानसिकता रखने का आरोप लगाते हुए पलटवार किया कि पूर्व विधायक ने अपने कार्यकाल में महामंदिर की भूमि खुर्द-बुर्द किए जाने में भूमिका निभाई है। उस समय पूर्व विधायक इस भूमि को बचाने के लिए न तो डीएलबी गए और न जांच के आदेश दिए। इससे साबित होता है कि यह सब मिलीभगत से हुआ। इसकी जांच कराई जाएगी। इस दौरान सांसद लुंबाराम चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष रक्षा भंडारी, जिला प्रमुख अर्जुन पुरोहित, प्रधान हंसमुख मेघवाल, जिला महामंत्री गणपतसिंह राठौड़, जिला मीडिया प्रभारी रोहित खत्री आदि मौजूद रहे।
लग रहे केवल आरोप-प्रत्यारोप
रामझरोखा मंदिर की भूमि पर बने पट्टों को लेकर आरोप-प्रत्यारोपों के बीच महामंदिर की लीज और भूमि का मामला भी उछल रहा है, लेकिन सत्ता में आने के ढाई साल बाद भी भाजपा इन मामलों की जांच नहीं करवा पाई। रामझरोखा मंदिर की भूमि पर बने पट्टों के मामले में राज्यमंत्री केवल सफाई देते नजर आए कि उनकी इसमें कोई भूमिका नहीं है। वे एडीएम के नेतृत्व में जांच कमेटी बना चुके हैं। वैसे कमेटी की जांच रिपोर्ट अभी तक सामने नहीं आई। पट्टे किसके इशारे पर और क्यों बने इसकी जांच को लेकर वे कोई खास नहीं बता पाए।

पेट्रोल पम्प भूमि पर उठाए सवाल
राज्यमंत्री ने सवाल उठाया कि सिरोही कांग्रेस नगर अध्यक्ष का नेशनल हाईवे पर बना पेट्रोल पम्प किस भूमि पर है और इस भूमि का रामझरोखा मंदिर से कोई सम्बंध है तो जनता के समक्ष स्पष्टीकरण दें। अनर्गल बयानबाजी के आरोप भी लगाए। पूर्व विधायक के घनिष्ठ व्यक्ति के नाम से रामझरोखा मंदिर की भूमि पर पट्टा होने के आरोप भी लगाए। बताया कि वर्ष-2021 से 2023 के बीच पूर्व विधायक संयम लोढ़ा के कार्यकाल में महामंदिर भूमि थर्ड पार्टियों के जरिए खुर्द-बुर्द करने का काम हुआ। उस समय न तो ये बोले और न डीएलबी में जाकर ज्ञापन दिए। जांच के निर्देश भी किसी को नहीं दिए। इन सभी लीज डीड्स की जांच कराई जाएगी।



