पटवारी की मौत हादसा नहीं हत्या थी, तीन गिरफ्तार
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वायरल वीडियो से मामला लगा संदिग्ध
- तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण से किया हत्या मामले का खुलासा
सिरोही. बरलूट थाना क्षेत्र के जावाल-ओड़ा मार्ग पर पटवारी की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने तीन जनों को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभ में पटवारी की मौत हादसा लग रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं वायरल हुए वीडियो के कारण यह मामला संदिग्ध लगा। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी आधार पर साक्ष्यों का विश्लेषण किया तो मामले का पटाक्षेप हो गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि तीन युवकों ने मिलकर पटवारी को बाइक से गिराया तथा मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई। परिजन उसे दुर्घटना का शिकार मानते हुए जिला अस्पताल लेकर आए थे। पुलिस के अनुसार पटवारी की हत्या के मामले में कैलाशनगर निवासी समीरकुमार उर्फ सागर पुत्र ललितकुमार रावल, पीपलकी (सिरोही) हाल नरपरा (रामसीन-जालोर) निवासी मनीषकुमार उर्फ माही पुत्र जगदीशकुमार रावल व कैलाशनगर हाल रामपुरा (सिरोही) निवासी प्रवीणकुमार पुत्र आदाराम मेघवाल को गिरफ्तार कर लिया गया। न्यायालय में पेश करने पर चार दिनों के पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है।
बाइक से अप डाउन करता था पटवारी
पुलिस के अनुसार बरलूट निवासी रामाराम पुत्र गणेशाराम मेघवाल ने रिपोर्ट देकर बताया कि उसका भाई छगनलाल मेघवाल ओड़ा गांव में पटवारी था और उसके पास कैलाशनगर का अतिरिक्त चार्ज था, जो रोजाना कैलाशनगर से बरलूट अप-डाउन करता था। 10 सितम्बर की देर शाम करीब साढ़े आठ बजे सूचना मिली कि छगनलाल की जावाल से कैलाशनगर मुख्य मार्ग ओडा नहर के समीप दुर्घटना हुई है। उसे 108 एम्बुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया था। परिजन पहुंचे तब तक छगनलाल की मृत्यु हो चुकी थी।
पुलिस ने इस तरह किया खुलासा
पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्रसिंह राठौड़ ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया कि पटवारी छगनलाल मेघवाल के दोनों पैर टूटे हुए थे। उसके साथ कोई घटना होना मानकर संदेहास्पद मृत्यु बाबत रिपोर्ट पेश की गई थी। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से घटना संदिग्ध पाई गई। उसकी मृत्यु दुर्घटना से नहींं होकर उसके साथ अज्ञात व्यक्तियों की ओर से मारपीट करने से होना पाया गया। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए तथा अवलोकन किया गया। तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर पाया गया कि पटवारी की हत्या की गई है। इसके बाद टीम गठित कर फरार चल रहे तीन आरोपियों को दबोच लिया गया।
सबक सिखाने के लिए किया हमला
पुलिस के अनुसार कैलाशनगर निवासी सपना पुत्री ललितकुमार रावल की ओर से कैलाशनगर उप तहसील कार्यालय में जाकर पटवारी छगनलाल को कार्यालय से बाहर निकलने की धमकी देने मारपीट करने का वीडियो वायरल हुआ। इसके बाद सपना के भाई समीर उर्फ सागर रावल ने पटवारी से छगनलाल से बदला लेने व उसे सबक सिखाने के लिए अपने मौसेरे भाई मनीषकुमार उर्फ माही रावल व मित्र प्रवीणकुमार मेघवाल के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से 10 सितम्बर को पटवारी पर हमला कर दिया। पटवारी को बाइक से नीचे गिराकर उसके साथ मारपीट कर गंभीर चोटें पहुंचा कर हत्या कर दी। गहनता से पूछताछ करने पर तीनों आरोपियों ने वारदात की योजना बनाना स्वीकार किया।



