सिरोहीrajasthansirohiराजस्थान

नया फरमान टोल कंपनी तक पहुंचा रहा जनता के लाखों रुपए

  • जनता की कट रही जेब और नोटों से भर रही कंपनी की झोली
  • वाहनों को टोल रोड पर धकेल रहा जिला प्रशासन का फरमान

सिरोही. जिला प्रशासन के नए फरमान ने टोल संग्रहण कंपनी की झोली नोटों से भर दी है। रेवदर-मंडार राष्ट्रीय मार्ग पर कुछ माह पहले ही वाहन चालकों को टोल वसूली से निजात मिली थी, लेकिन अब फिर टोल रोड पर धकेला जा रहा है। जिला प्रशासन ने एक आदेश जारी कर रेवदर-मंडार राजमार्ग पर भारी वाणिज्यिक वाहनों का संचालन 14 घंटों के लिए बंद कर दिया है। अब या तो वाहनों को चौदह घंटे तक रोके रहो या जल्दी जाने के लिए दूसरे टोल रोड को पकड़ो। इस नए आदेश के बाद वाहन चालक सिरोही से सरूपगंज होते हुए गुजरने को मजबूर है। इस मार्ग पर सरूपगंज-उड़वारिया व पालनपुर के समीप दो टोल संग्रहण केंद्र है, जहां वाहन चालकों की जेब ढीली हो रही है। जनता की जेब से प्रतिदिन लाखों रुपए निकल कर टोल कंपनी के पास जा रहे है। नए आदेश के तहत सिरोही-रेवदर-मंडार राष्टं्रीय राजमार्ग-168 पर भारी वाणिज्यिक वाहनों को सुबह सात बजे से रात नौ बजे पूर्णतया प्रतिबंधित किया गया है। आदेश 17 सितम्बर से लागू होकर आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा। वैसे राष्ट्रीय राजमार्ग पर हादसों की रोकथाम के नाम पर आवागमन प्रतिबंधित करना कोई व्यवस्था तो नहीं हो सकती।

प्रतिदिन 17 से 18 लाख का फटका
गंतव्य तक पहुंचने की जल्दी में वाहन चालक सिरोही-रेवदर मार्ग पर इंतजार करने के बजाय सरूपगंज-आबूरोड मार्ग पकड़ रहे हैं। मोटे तौर पर रेवदर मार्ग से प्रतिदिन पांच सौ वाहन भी यदि सरूपगंज रोड पर डाइवर्ट होते है तो दोनों ओर से एक हजार वाहनों की संख्या बैठती है। इस मार्ग पर उड़वारिया व पालनपुर के दो टोल केंद्रों पर प्रत्येक वाहन से अनुमानित 1700 से 1800 रुपए की टोल राशि वसूलते है तो यह आंकड़ा कुल 17 से 18 लाख रुपए तक बैठता है।

कुल 70 किमी पर तीन टोल थे
ज्ञातव्य है कि दिल्ली-कांडला के लिए सिरोही से रेवदर-मंडार वाला मार्ग सालों से कार्यशील है। कुछ वर्ष पहले इस मार्ग को बीओटी के तहत बनाकर टोल वसूली शुरू की गई थी। 70 किमी के इस मार्ग पर कुल तीन जगह टोल वसूला जा रहा था। समयावधि पूरी होने के बाद इस मार्ग पर हाल ही में टोल बंद किए गए हैं।

मजबूरी है दूसरे टोल रोड पर जाना
जिला प्रशासन ने रेवदर-मंडार मार्ग पर आगामी आदेशों तक भारी वाणिज्यिक वाहनों का संचालन बंद कर दिया है। हालांकि जन सुरक्षा एवं सडक़ सुरक्षा का हवाला देते हुए इस तरह का आदेश जारी किया है, लेकिन बगैर वैकल्पिक व्यवस्था के राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों का संचालन बंद करना मुसीबत भरा ही है। कई घटों तक इंतजार न करना हो तो दूसरे टोल रोड पर जाना भी मजबूरी हो जाता है।

हादसे बढऩे का खतरा भी बढ़ रहा
रेवदर-मंडार राजमार्ग पर दिनभर के 14 घंटों तक भारी वाहनों का आवागमन जन सुरक्षा एवं सडक़ सुरक्षा का हवाला देते हुए प्रतिबंधित किया गया है, लेकिन रात्रिकालीन दस घंटे इस मार्ग पर जानलेवा साबित हो रहे हैं। जल्दी निकलने की जुगत में भारी वाहनों की रेलमपेल बनी रहती है। एक-दूसरे से आगे जाने और निर्धारित समयावधि में इस मार्ग को पार कर जाने की आपाधापी से हादसे बढऩे का खतरा भी बढ़ रहा है।

आवागमन प्रतिबंधित किया है…
रेवदर-मंडार राष्ट्रीय राजमार्ग पर हादसे बढ़ रहे हैं इसलिए वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित किया है। सरूपगंज फोरलेन वैकल्पिक मार्ग है ही, वैसे यह आदेश जिला कलक्टर ने जारी किया है।

  • आरसी बराड़ा, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी, सिरोही

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button