ढाबे से मासिक बंधी ले रहा आबकारी का बाबू, वीडियो वायरल
- ढाबे के काउंटर पर खुले रूप से ली जा रही मोटी रकम
- मंथली देकर अवैध शराब बिकवाली की पुष्टि कर रहा वीडियो
सिरोही. हाईवे स्थित एक ढाबे के काउंटर पर बड़ी रकम के लेन-देन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें रकम देने वाला ढाबे का संचालक या कर्मचारी बताया जा रहा है। जबकि, राशि लेकर जा रहा युवक आबकारी महकमे का बाबू बताया जा रहा है। हालांकि यह वीडियो कुछ महीने पहले का है, लेकिन आबकारी का बाबू ढाबे से यदि रकम ले जा रहा है तो कहीं न कहीं अवैध रूप से शराब बेचे जाने की शह ही मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि जिले में मासिक बंधी देकर अवैध रूप से शराब की बिकवाली का धंधा जोरों पर है।
ढाबे पर छापा न पड़े इसलिए मंथली
शिवगंज क्षेत्र के एक ढाबे का यह वीडियो बताया जा रहा है। इसमें आबकारी महकमे का बाबू मासिक बंधी के रूप में पैसे ले रहा है। अब यह राशि उसके अकेले की है या अधिकारियों तक पहुंचाने का जिम्मा उस पर था यह इस बाबू से पूछताछ में ही सामने आ सकता है। बताया जा रहा है कि इस ढाबे का संचालक अवैध रूप से शराब बेचता है। इसकी एवज में आबकारी के बाबू को मोटी रकम दी जा रही है, ताकि छापा न पड़े।
ढाबों से आ रही लाखों रुपए की मंथली
वैसे ढाबों व अवैध रूप से शराब बेचने वाले लोगों से मासिक बंधी के रूप में मोटी रकम लेने की गणित का आकलन किया जाए तो यह राशि लाखों रुपए में बैठती है। जिले में हाईवे किनारे के अधिकतर ढाबों पर शराब परोसी जा रही है। इन पर आबकारी की ओर से नजरे इनायत रखी जाती है। इसकी एवज में ही मोटी रकम ली जाती है। जानकार लोग बताते हैं कि जिस ढाबे पर जितनी ज्यादा बिक्री होती है उतनी ही बड़ी मासिक बंधी रहती है। बंधी देने वाले ढाबों पर आबकारी की ओर से छापा मारने से परहेज किया जाता है।
मासिक बंधी के कारण रहते मूकदर्शक
गांधी जयंती पर ड्राय डे के दिन भी ढाबों पर अवैध रूप से शराब बेचने के मामले सामने आ चुके हैं। गोदामों पर भी खुले आम शराब बेची गई। इन मामलों में आबकारी महकमा मूकदर्शक बना रहा। संभवतया मंथली लेने के कारण ही महकमा इस तरह के मामलों में चुप्पी साधे रहता है। शहर से सटे मांडवा में गोदाम से खुले तौर पर शराब बिकती रही। वहीं, पिण्डवाड़ा में ढाबे पर शराब बेचे जाने का मामला भी उठा।
मामला ध्यान में आया है…
ढाबे पर पैसे लेने का वीडियो वायरल हो रहा है। इस तरह का मामला हमारे ध्यान में आया है। इसकी जांच करवा रहे हैं।
- विक्रमसिंह, आबकारी निरीक्षक, सिरोही



