पिता के अवैध संबंध छुपाने के लिए युवक की हत्या, प्रेमिका भी आरोपी
- प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया ब्लैकमेल कर रहा था युवक
- बहुचर्चित गणपतसिंह मांडोली हत्याकांड मामले में तीन गिरफ्तार
जालोर. जिले के बहुचर्चित गणपतसिंह मांडोली हत्याकांड मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन जनों को गिरफ्तार कर लिया। रामसीन थाना क्षेत्र के मांडोली गांव में डेढ़ साल पहले हुई हत्या के मामले में पुलिस ने दो युवक व एक महिला को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने कि मुख्य आरोपी के पिता व आरोपी महिला के बीच अवैध सम्बंध थे। युवक इनको ब्लैकमेल कर रहा था। मुख्य आरोपी ने अपने पिता के अवैध सम्बंधों को छुपाने के लिए युवक की हत्या कर दी। वारदात में उसने पिता की प्रेमिका व अपने खेत पर काम करने वाले मजदूर को भी शामिल किया।
उजागर होने के डर से हत्या की
पुलिस के अनुसार मांडोली निवासी गजेंद्रसिंह पुत्र सुरेंद्रसिंह, वागाराम पुत्र कानाराम भील व लच्छूदेवी पत्नी सवाराम चौधरी को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि गजेंद्रसिंह के पिता व लच्छुदेची के बीच अवैध सम्बंध थे। गणपतसिंह को इसकी जानकारी हो गई तथा उसे ब्लैकमेल कर रहा था। मामला उजागर होने के डर से गजेंद्रसिंह ने अन्यों के साथ मिलकर गणपतसिंह की हत्या कर दी।
हत्या का मामला दर्ज कराया
ज्ञातव्य है कि गत 27 अगस्त, 2024 को मांडोली गांव में किसी ने गणपतसिंह परमार की हत्या कर दी थी। अगले दिन मृतक के भाई ने पुलिस में मामला दर्ज कराया था। इसमें बताया कि गणपतसिंह बाइक लेकर अपनी दुकान से शाम को कहीं चला गया था। अगले दिन उसका शव मिला, सिर में चोट लगी होने से हत्या का मामला दर्ज किया गया।
मां की जिद ने दिलाया न्याय
इस पूरे प्रकरण में खुलासे की मांग को लेकर जिले का माहौल तनावपूर्ण रहा। मृतक की मां न्याय के लिए जिद पर अड़ी रही। सांसद लुम्बाराम चौधरी ने एक माह में खुलासे का भरोसा दिलाते हुए उनको धरने से उठाया, लेकिन तीन माह तक भी कुछ नहीं हुआ तो मां वापस धरने पर बैठ गईं। इस बार भूख हड़ताल कर दी। दबाव बढ़ा तो पुलिस ने भी सक्रियता दिखाई एवं मामले का पटाक्षेप हो गया।
इस तरह चला घटनाक्रम
- 6 सितम्बर, 2024 को रामसीन थाने पर प्रदर्शन किया गया
- 7 अक्टूबर, 2024 को जालोर कलक्ट्री पर प्रदर्शन किया
- 17 नवम्बर, 2025 को जालोर कलक्ट्री के समक्ष वापस धरना
- 25 नवम्बर, 2025 को सांसद ने आश्वासन देकर उठाया
- 27 फरवरी, 2026 को परिवार ने भूख हड़ताल शुरू की
- 17 मार्च, 2026 को पुलिस ने तीन जनों को गिरफ्तार किया



