सिरोहीrajasthansirohiराजस्थान

महज दो प्रकार की जांचों में ही फूंक दिया करोड़ों का बजट

  • दवा खरीद में अनियमितता एवं गंभीर वित्तीय घोटाले का आरोप
  • राजकीय धन के दुरूपयोग व संसाधनों के निजी उपयोग के आरोप

सिरोही. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर दवा खरीद में अनियमितता का आरोप लगाया गया है। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी रोहित खत्री ने इस सम्बंध में जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर जांच की मांग रखी है। आरोप है कि सीएमएचओ डॉ.दिनेश खराड़ी व डिप्टी सीएमएचओ डॉ.सत्यप्रकाश शर्मा ने नियम विरुद्ध तरीके से दवा खरीद की है। करीब डेढ़ सौ प्रकार की जांचों के लिए बजट प्रावधान किया गया था, लेकिन महज दो प्रकार की जांचों में ही करोड़ों रुपए जाया कर दिए गए। यह खरीद की अनियमितता तो है ही गंभीर वित्तीय घोटाला भी है। उन्होंने राजकीय धन के दुरुपयोग एवं राजकीय संसाधनों के व्यक्तिगत कार्य में उपयोग के भी आरोप लगाए हैं। उधर, जिला कलक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने इस मामले में कमेटी गठित कर निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।

ग्लूकोमीटर व हीमोग्लोबीन पर करोड़ों की खरीद
ज्ञापन में बताया कि मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना में उप स्वास्थ्य केन्द्र से जिला अस्पताल तक 143 तरह की जांचों के लिए राशि मिल रही है। इसमें उप स्वास्थ्य केन्द्र स्तर की 14 जांच, पीएचसी स्तर की 66, सीएचसी स्तर की 101 व जिला अस्पताल स्तर की 143 जांच के लिए उपयोग में लिया जाने वाला बजट, एकल स्रोत उपापन के माध्यम से केवल दो जांचों पर ही केंद्रित कर दिया गया। आरोप है कि इन दो जांचों के लिए ग्लूकोमीटर व हीमोग्लोबीन पर करोड़ों रुपए की खरीद कर ली गई।

जिला अस्पताल को भी बजट नहीं दिया
उधर, विभिन्न जांचों के लिए जिला अस्पतालों की ओर से राशि की मांग के बावजूद ध्यान नहीं दिया जा रहा। सिरोही जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी ने 17 फरवरी, 25 व 24 मार्च, 26 को भेजे पत्रों के जरिए 143 जांचों के लिए बजट की मांग की, लेकिन सीएमएचओ की ओर से बजट जिला अस्पताल को न देकर समस्त जांचों के बजट को दो जांचों पर केंद्रित कर दिया। नियम ताक पर रखते हुए बाजार से ऊंची दरों पर खरीद की तथा मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना के लाभ से लोगों को वंचित रखा जा रहा है।

सरकार की छवि धूमिल कर रहे हैं अधिकारी
भाजपा नेता रोहित खत्री ने आरोप लगाते हुए बताया कि अधिकारियों की लापरवाही से चिकित्सा संस्थानों पर कई प्रकार की जांचें नहीं हो रही है। इससे मरीज उपचार के लिए गुजरात जाने को विवश है वहीं, प्रदेश सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है। सीएमएचओ ने तीन से चार आइटम की खरीद के लिए बार-बार एकल स्रोत उपापन की निविदाएं जारी की है। सभी एकल निविदाओं से 150 लाख का लगभग क्रय बाजार दर से तीन गुणा दरों पर किया गया है तथा बिना खुली निविदा के खरीद कर राजकीय धन का दुरूपयोग किया है।

सीएमएचओ के दावे खोखले साबित हुए
भाजपा नेता खत्री ने बताया कि जिले में हब एंड स्पोक मॉडल लागू करने के सीएमएचओ के दावे खोखले साबित हुए हैं। सीएमएचओ डॉ दिनेश खराडी ने गत 17 फरवरी को समाचार पत्रों में प्रकाशित करवाया था कि 15 दिनों में जिले में हब एंड स्पोक मॉडल लागू हो जाएगा। साथ ही 151 तक उन्नत जांचों की निशुल्क सुविधा मिलेगी, लेकिन दो माह बाद भी जिले में यह सुविधा शुरू नहीं हो पाई है। अधिकारियों की बेपरवाही के कारण जांच योजना का हब एंड स्पोक मॉडल क्रियान्वित नहीं हो पाया, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ जनता तक नहीं पहुंच रहा।

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