
- जिला कलक्टर ने बताई वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान की सार्थकता
- विश्व पर्यावरण दिवस पर किया पौधरोपण से दिया संदेश
सिरोही. जिला कलक्टर रोहिताश्वसिंह तोमर ने कहा कि गंगा एक नदी नहीं वरन् हमारी संस्कृति व हमारा इतिहास है। यह हमारी पहचान तो है ही अपने आप में पूरी परिभाषा है। यही कारण है जल व पर्यावरण संरक्षण के लिए चल रहे इस अभियान का नाम वंदे गंगा रखा गया है। हमें पर्यावरण बचाने की दिशा में किए जा रहे कार्यों को आत्मसात करना होगा इसी से अभियान की सार्थकता होगी। वे शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस एवं वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के समापन समारोह में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि यह अभियान हमें जल स्रोतों के संरक्षण, पौधरोपण व प्रदूषण मुक्त पर्यावरण निर्माण के लिए प्रेरित करता है। कहा कि आज का दिवस और यह अभियान दोनों ही हमें प्रकृति के संरक्षण का संदेश दे रहे हैं। अधिकाधिक पौधे लगाने एवं उनको पाल-पोसकर बड़ा करने की आवश्यकता जताई। प्लास्टिक के कम से कम उपयोग, जल का अपव्यय रोकने आदि के लिए हमेशा प्रयासरत रहना होगा, ताकि आने वाली पीढिय़ों को हम बेहतरीन विरासत दे सकें। उन्होंने जल व पर्यावरण संरक्षण एवं प्लास्टिक मुक्त भारत निर्माण की शपथ दिलाई।
ताकि पीढिय़ों को शुद्ध पर्यावरण मिलें
अभियान के जिला संयोजक वीरेंद्रसिंह चौहान ने कहा कि अभियान को निरन्तर अपनी जीवन शैली का हिस्सा बनाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढिय़ों को प्रदूषण रहित वातावरण मिल सकें। उप वन संरक्षक अजीत उचोई ने बताया कि हरियालो राजस्थान अभियान के तहत प्रदेश में दस करोड़ पौधे लगाए जा रहे हैं। जिले में भी 20 लाख पौधे लगाए गए हैं। जीवन काल में कम से कम पांच पौधे लगाने व उनकी सार-संभाल करने की अपील की। प्रारंभ में अतिथियों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
प्रतियोगिता विजेताओं को किया पुरस्कृत
कार्यक्रम में अभियान के तहत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता रहे प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। इसमें राज पंवार, भरत सिंघवी, दिलीप भारती, शांतिलाल माली, पोस्टर में ईशा रावल, प्रथम, राशि रावल व खुशीकंवर, भाषण में कुणाल माली प्रथम, निबंध में लारा मेघवाल प्रथम, तनु मेघवाल द्वितीय व रविना मेघवाल तृतीय, प्रोजेक्ट प्रतियोगिता में तेजल माली प्रथम, मयंक माली द्वितीय व मोहित्य सिंह तृतीय स्थान पर रहे।



