- योजनाएं धरातल तक पहुंचाने के ढोल की खुल गई पोल
- इसे देख लीजिए कहने के अलावा कुछ नहीं कर पाए मंत्री
सिरोही. जिला अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाने के नाम पर लाखों रुपए फूंके जा रहे हैं, लेकिन न तो सुधार हो रहा है और न मरीजों को सुविधाएं मिल रही है। जिला प्रभारी मंत्री केके बिश्नोई के शुक्रवार को जिला अस्पताल का जायजा लेते समय व्यवस्थाओं की पोल खुलकर सामने आई, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई करना तो दूर किसी को निर्देशित करना भी उचित नहीं समझा। यहां तक कि अस्पताल की ओपीडी में उनके पास से ही श्वान गुजरते रहे, लेकिन वे नजरंदाज कर गए। वहीं, उपचार के अभाव में तीन-तीन दिन से भर्ती नहीं करने की गुहार लगा रहा मरीज भी उनके पास आया पर वे पास खड़े चिकित्सक को इसे देख लीजिए कहने के अलावा कुछ नहीं कर पाए। अब ऐसा क्यों हुआ यह तो पता नहीं पर सरकारी योजनाओं को धरातल पहुंचाने का ढोल पीट रहे जनप्रतिनिधियों की पोल जरूर खुल गई।
मंत्री नजरंदाज कर गए कमियां
जिला अस्पताल का जायजा लेने के बाद प्रभारी मंत्री ने सामने आई अव्यवस्थाओं को भी नजरंदाज कर दिया। यही कारण रहा व्यवस्थाओं को अच्छा बताते हुए वे निकल गए। होना तो यह चाहिए था कि इस तरह के मामलों में न केवल अस्पताल के पीएमओ वरन् प्रशासनिक अधिकारियों को भी निर्देशित करना था। ऐसे में मेडिकल कॉलेज होने के बावजूद जनता को फायदा कैसे मिल पाएगा यह कहना मुश्किल है।
मंत्री आगे बढ़े और श्वान भाग गया
चलते ओपीडी में ही जब घुमंतू श्वान अस्पताल में घूमते दिखते तो सुविधाओं के नाम पर लाखों रुपए फूंकने का औचित्य भी खत्म हो जाता है। प्रभारी मंत्री ओपीडी की राहदरी में दवा काउंटर का जायजा लेकर नर्सिंग अधीक्षक के कक्ष में गए। यहां से बाहर आए तब कक्ष के बाहर बैठा श्वान भीड़ देख बाहर की ओर भागा। मंत्री पूरे लाव-लश्कर के साथ ओपीडी में पर्ची काउंटर से आगे बढ़े तो श्वान विपरीत दिशा में पीछे की ओर भाग गया।



