सिरोहीrajasthansirohiराजस्थान

ठीक चार माह पहले भी दिए पेनल्टी के निर्देश, सफाई जस की तस

  • सफाई चार माह बाद भी नहीं सुधरी तो फिर किसकी जिम्मेदारी
  • जिला कलक्टर के दौरे भी औपचारिक, नहीं हो पा रहा एक्शन

सिरोही. जिला अस्पताल की सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है। यहां तक कि जिला कलक्टर के दौरे भी औपचारिक ही साबित हो रहे हैं। सफाई के कुप्रबंधों को देखते हुए ठेकेदार पर पेनल्टी लगाने के लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं, लेकिन सुधार होता नजर नहीं आ रहा। ठेकेदार पर पेनल्टी लगाए जाने और निर्देशित किए जाने के समाचार सुर्खियां जरूर बन रहे हैं, लेकिन बदहाली के बावजूद न तो किसी अधिकारी की जिम्मेदारी तय हो रही है और न ठेकेदार पर ठोस एक्शन लिया जा रहा है। सोमवार जिला कलक्टर रोहिताश्वसिंह तोमर ने जनाना अस्पताल का निरीक्षण किया। तब फिर ऐसा ही कुछ नजर आया। उन्होंने सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने एवं ठेकेदार पर पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए। दिलचस्प तो यह रहा कि ठीक चार माह पहले अप्रेल माह में भी वे अस्पताल आए थे एवं सफाई की बदहाल स्थिति को देख ठेेकेदार पर 25 हजार रुपए पेनल्टी लगाने के निर्देश दे चुके हैं। चार माह बाद भी यदि जिला कलक्टर को अस्पताल में सफाई के प्रबंध जस के तस नजर मिल रहे हैं तो इसमें ढिलाई किसकी है यह सोच सकते है।

न व्यवस्थाएं सुधरी और न प्रशासनिक ढांचा
ऐसा भी नहीं है कि केवल प्रशासनिक स्तर पर ही ढिलाई है। जिला अस्पताल का पिछले कुछ माह में स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्रसिंह, जिला प्रभारी मंत्री केके बिश्नोई व राज्यमंत्री ओटाराम देवासी भी निरीक्षण कर चुके हैं। इसके बावजूद न तो व्यवस्थाओं में सुधार सामने आया और न अस्पताल के प्रशासनिक ढांचे में सुधार हुआ। जब जिला कलक्टर को ही चार माह में दो बार पेनल्टी लगाने के निर्देश देने पड़े तो ठेकेदार कितना सक्षमता का अंदाज ही लगाया जा सकता है।

इसलिए निजी अस्पतालों में जाने की मजबूरी
जिला अस्पताल में हाल ही में पॉक्सो जैसे गंभीर मामलों में पीडि़तों के मेडिकल कराए जाने में ढिलाई और शराब मांगे जाने के आरोप भी लग चुके हैं। वहीं, ड्यूटी ऑवर में ठेके पर जाने और वापस अस्पताल आकर काम पर लग जाने के समाचार भी सुर्खियां बन चुके हैं। अस्पताल में समय पर उपचार नहीं मिलने, निशुल्क जांच योजना के बावजूद अक्सर कई प्रकार की जांचें नोट अवेलेबल रहती है। इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। ऐसे में मरीज उपचार के लिए निजी अस्पतालों में या गुजरात जाने को मजबूर हो रहे हैं।

मरीजों व परिजनों से किया संवाद
उधर, जिला कलक्टर ने जनाना अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने, स्टाफ को निर्धारित यूनिफॉर्म में आने, परिसर में मेडिकल वेस्ट के लिए रख-रखाव के संबंध में व्यवस्था सुनिश्चित करने, अस्पताल परिसर के बाहर पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने, हाई रिस्क प्रेगनेंसी मरीज के लिए विशेष एवं त्वरित उपचार, सेफ्टी प्रोटोकॉल फॉलो करने के संबंध में निर्देशित किया। सफाई ठेकेदार पर उचित पेनेल्टी लगाकर अवगत करवाने की बात कही। जिला कलक्टर ने चिकित्सालय में उपलब्ध जांच की सूची स्पष्ट एवं पठ्नीय रूप से तैयार कर सादृश्य स्थानों पर लगाने के निर्देश भी दिए। मरीजों और उनके परिजनों से भी संवाद किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button