आठ लाख की रिश्वत ले रहे थानाधिकारी व कांस्टेबल ट्रेप

- मुकदमे से बाहर रखने की एवज में मांगे थे बीस लाख
उदयपुर. मांडवा थाने में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की एक कार्रवाई में थानाधिकारी व कांस्टेबल को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। थानाधिकारी ने एक मुकदमे से बाहर रखने की एवज में बीस लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी, जिसमें से आठ लाख रुपए की किस्त लेते हुए रंगे हाथों ट्रेप कर लिया गया।
एसीबी अधिकारी बताते हैं कि एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में मांडवा थानाधिकारी निर्मल खत्री ने बीस लाख रुपए की मांग की थी। मुकदमे में चार लोगों को आरोपी नहीं बनाने यानि मुकदमे से बाहर रखने की एवज में यह रिश्वत मांगी जा रही थी। परिवाद मिलने के बाद एसीबी की उदयपुर इंटेलीजेंस यूनिट ने कार्रवाई की। मामले में थानाधिकारी निर्मल खत्री व कांस्टेबल भालाराम को आठ लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।
कुछ यूं किया आठ लाख का जुगाड़
बताया जा रहा है कि परिवादी के पास इतनी बड़ी रकम नहीं थी। ऐसे में एसीबी ने इसके लिए भी जुगाड़ बैठाया। कुछ असली नोट के साथ ही फेक करेंसी का जुगाड़ किया तथा आठ लाख रुपए की राशि के बंडल बनाए गए। बाद में ट्रेप के लिए परिवादी को यह राशि देकर भेजा गया।
प्रत्येक आरोपी के साढ़े पांच लाख
एसीबी अधिकारी बताते हैं कि इस तरह की एक गोपनीय शिकायत मिली थी। इसमें आरोप था कि परिवादियों को एनडीपीएस के मामले में आरोपी नहीं बनाने की एवज में 20 लाख रुपए की रिश्वत मांगी जा रही है। सत्यापन कराए जाने पर सामने आया कि कुल चार में से प्रत्येक आरोपी के बदले में साढ़े पांच लाख रुपए की मांग रखी गई है।



