दोस्ती से बड़ा रुपया, पैसों के लेन-देन में दोस्त की हत्या

- वारदात के दस दिन बाद पुलिस पकड़ में आया एक आरोपी
- फरार चल रहे मुख्य आरोपी पर सुपारी किलिंग का भी आरोप
सिरोही. रुपयों के लेन-देन में मामला बिगड़ा तो दोस्त की हत्या कर दी। पुलिस ने हत्या के दस दिन बाद एक आरोपी को पकडऩे में सफलता हासिल की है। वहीं, मुख्य आरोपी समेत अन्य आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। फरार चल रहे मुख्य आरोपी पर छह साल पहले सुपारी किलिंग का भी आरोप है।
पुलिस के अनुसार नरेंद्रसिंह हत्या मामले में जांच के दौरान एक आरोपी खारा (रामसर-बाड़मेर) निवासी चोमपालसिंह उर्फ जसवंतसिंह पुत्र चुतरसिंह महेचा को गिरफ्तार किया गया है। न्यायालय में पेश करने पर उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा गया। वहीं, वारदात में शामिल मुख्य आरोपी मोछाल निवासी अरविंदकरणसिंह देवड़ा समेत अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
दोस्तों को छोडऩे जा रहा था
ज्ञातव्य है कि पोसालिया निवासी नरेन्द्रसिंह उर्फ चिंटूसिंह पुत्र रामसिंह देवड़ा को मोछाल निवासी अरविंदकरणसिंह देवड़ा समेत उसके साथियों ने मारपीट कर गंभीर घायल कर दिया था। उपचार के दौरान नरेंद्रसिंह ने पुलिस को बयान दिया था कि गत 7 मई की रात को वह अपने कुएं से दोस्तों को छोडऩे जा रहा था। वेरारामपुरा में शराब की दुकान के पास अरविंदकरणसिंह व उसके साथी आए तथा उस पर हमला कर दिया। नरेन्द्रसिंह देवड़ा की उपचार के दौरान 12 मई को मौत हो गई।
हत्या के लिए जानलेवा हमला किया
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि मृतक नरेन्द्रसिंह व अरविन्दकरण के बीच गहरी दोस्ती थी। पैसों के विवाद को लेकर कुछ दिनों से दोनों में अनबन चल रही थी। वारदात से पहले दोनों के बीच फोन पर बोलचाल होना सामने आया है। नाराज अरविंदकरणसिंह ने अपने साथियों को एकत्र कर नरेंद्रसिंह पर जानलेवा हमला कर दिया। वारदात के बाद से ही वह फरार चल रहा है। वर्ष-2020 में फालना निवासी कानसिंह रावणा राजपूत की सुपारी लेकर हत्या करवाने का भी इस पर आरोप है।



