अंधेरे में दिखाई बर्बरता और उजाले में समझाइश की सफाई

- खींचतान में टूटी चूडिय़ां, कलाई जख्मी और गिरी ओढ़नियां
- शांतिपूर्ण धरने पर बैठी महिला को जबरन उठा ले गई पुलिस
सिरोही. इसे बर्बरता ही कहा जाएगा कि न्याय मांग रही एक बुजुर्ग मां को पुलिस जबरन उठा ले गई। यहां कलक्ट्री में शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे मृतक के परिजनों में से मां को रात के अंधेरे में उठा कर अस्पताल पहुंचा दिया गया। आरोप है कि पुलिस ने धक्का-मुक्की व खींचतान भी की। नतीजा यह रहा कि इस धक्का-मुक्की में महिलाओं की चूडिय़ां टूटी और कलाई तक जख्मी हो गई। ओढऩी गिरी पर संभाल ली गई। परिजन चीख-पुकार करते रहे, लेकिन पुलिस नहीं मानी और न्याय के लिए धरने पर बैठी मां को जबरन ले जाकर भर्ती करवा दिया गया। मंगलवार रात को पुलिस कार्रवाई का यह वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस की खींचतान साफ दिखाई दे रही है। वहीं, मामला सुर्खियों में आने पर बुधवार सुबह पुलिस ने तत्काल ही अपनी सफाई में एक प्रेस रिलीज कर दी। इसमें बताया कि बुजुर्ग मां की तबीयत खराब होने से लगातार समझाइश की गई तथा स्वास्थ्य परीक्षण के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
पुलिस दो माह बाद भी खाली हाथ
बताया जा रहा है कि पुलिस इनकी सरगर्मी से तलाश कर रही है, लेकिन अभी तक खाली हाथ ही है। मामले में पुलिस ने खारा (रामसर-बाड़मेर) निवासी चोमपालसिंह उर्फ जसवंतसिंह पुत्र चुतरसिंह महेचा समेत दो जनों को उसी समय गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन अन्य आरोपी अब भी पुलिस गिरफ्त से दूर है। आरोपियों की गिरफ्तारी एवं न्याय की मांग को लेकर मृतक के परिजन गत 20 जुलाई से कलक्ट्री में धरने पर हैं।
मारपीट में गंभीर घायल, फिर मौत
ज्ञातव्य है कि पोसालिया निवासी नरेन्द्रसिंह उर्फ चिंटूसिंह पुत्र रामसिंह देवड़ा को दो माह पहले मोछाल निवासी अरविंदकरणसिंह देवड़ा समेत उसके साथियों ने मारपीट कर गंभीर घायल कर दिया था। उपचार के दौरान नरेंद्रसिंह ने पुलिस को बयान दिया था कि गत 7 मई की रात को वह अपने कुएं से दोस्तों को छोडऩे जा रहा था। वेरारामपुरा में शराब की दुकान के पास अरविंदकरणसिंह व उसके साथी आए तथा उस पर हमला कर दिया। नरेन्द्रसिंह देवड़ा की उपचार के दौरान 12 मई को मौत हो गई।
पैसों के लिए दोस्ती में आई दरार
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया था कि मृतक नरेन्द्रसिंह व अरविन्दकरण के बीच पहले गहरी दोस्ती थी। पैसों के विवाद को लेकर कुछ दिनों से दोनों में अनबन चल रही थी। वारदात से पहले दोनों के बीच फोन पर बोलचाल होना भी सामने आया। इसके बाद नाराज अरविंदकरणसिंह ने अपने साथियों को एकत्र कर नरेंद्रसिंह पर जानलेवा हमला कर दिया। वर्ष-2020 में फालना निवासी कानसिंह रावणा राजपूत की सुपारी लेकर हत्या करवाने का भी इस पर आरोप है।
पुलिस बता रही इसलिए ले गए अस्पताल
उधर, पुलिस ने एक प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि मृतक के परिजन व अन्य व्यक्तियों ने धरना-प्रदर्शन किया था। समझाइश वार्ता के बाद भी परिजन धरने पर बैठे। पोसालिया निवासी सुंदरकंवर पत्नी रामसिंह राजपूत, उंदरी (जालोर) निवासी कंचनकंवर पत्नी सुरेंद्रसिंह राजपूत, बाली (पाली) निवासी चम्पतकंवर पत्नी नरेंद्रसिंह राजपूत, सेवाडिय़ा (पाली) निवासी गायत्रीकंवर पत्नी रणजीतसिंह व पोसालिया निवासी गजेंद्रसिंह पुत्र मदनसिंह राजपूत ने अनशन शुरू किया। 21 जुलाई को पुलिस अधिकारियों ने समझाइश वार्ता की तथा मेडिकल टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण किया। समझाया गया कि श्रीमति सुंदरकंवर बुजुर्ग है तथा पूर्व में भी बीमारी के कारण इलाज चल रहा है, जिससे अनशन व दवाइयां नहीं लेने से मुश्किल हो सकती है। स्वास्थ्य को हाई रिस्क मानते हुए अस्पताल में भर्ती करवाने की सलाह दी है, लेकिन धरना उठाने पर सहमत नहीं हुए। रात को करीब दस बजे मेडिकल टीम ने फिर परीक्षण किया तथा अस्पताल में भर्ती करवाने की सलाह दी। इस पर अधिकारियों ने फिर समझाइश की तथा महिला पुलिस अधिकारी व पुलिसकर्मियों ने श्रीमती सुंदरकंवर को जिला अस्पताल लाकर उपचार के लिए भर्ती करवाया।



