
- डॉक्टर ने बरती लापरवाही, समय पर नहीं दी सही सलाह
- जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग का फैसला
सिरोही. सिरोही जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक मामले में फैसला सुनाते हुए मरीज के उपचार में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर पर साढ़े सात लाख रुपए का हर्जाना लगाया है। आयोग ने माना कि उपचार में लापरवाही एवं समय पर सही सलाह नहीं देने से मरीज को अपने पैर का अंगूठा गंवाना पड़ा।
आबूरोड निवासी अशलेष मिश्रा ने इस सम्बंध में शिकायत दर्ज करवाई थी। इसमें बताया था कि सितम्बर 2016 में वह इलाज के लिए आबूरोड में गांधी पार्क के समीप क्लीनिक चला रहे डॉक्टर एसपी गुप्ता के पास गया था। उसके पैर में छोटा सा घाव था। डॉक्टर ने उसे सामान्य मानकर इलाज शुरू किया तथा कई दिनों तक पट्टी व इंजेक्शन दिए। इस दौरान घाव बिगड़ता गया। बार-बार पूछने पर भी डॉक्टर ने सही दिशा-निर्देश नहीं दिए एवं झूठा आश्वासन दिया। स्थिति बेकाबू होने पर दूसरे अस्पताल में दिखाया, जहां पता चला कि अंगूठा गैंग्रीन की चपेट में है, जान बचाने के लिए उसे अंगूठा कटवाना पड़ा।
साक्ष्य में काम आई कॉल रिकॉर्डिंग
शिकायत दर्ज होने के बाद आयोग ने मामले की गहराई से जांच की। साक्ष्य के तौर पर पेश की गई कॉल रिकॉर्डिंग से भी स्पष्ट हुआ कि आरोपी डॉक्टर लापरवाही को छिपा रहा है। आयोग ने अपने आदेश में कहा कि एक चिकित्सक का कर्तव्य है कि पूरी सावधानी से इलाज करें और जरूरत पडऩे पर विशेषज्ञ को रैफर करें। इस मामले में डॉक्टर ने लापरवाही बरती, जिससे मरीज को मानसिक एवं शारीरिक प्रताडऩा झेलनी पड़ी।
राशि 45 दिनों में अदा करने के आदेश
आयोग ने आरोपी डॉक्टर को ब्याज सहित, मानसिक व शारीरिक संताप एवं परिवाद व्यय सहित प्रार्थी मरीज को 7.55 लाख रुपए 45 दिनों में अदा करने के आदेश दिए हैं। आयोग अध्यक्ष अभिमन्युसिंह राठौड़, सदस्य नवीनचंद्र मिश्रा, श्रीमती जया मिस्त्री ने इस मामले की सुनवाई की तथा फैसला सुनाया।



