
- सिरोही व जावाल की इकाइयों में चलाया अभियान, उपकरणों की जांच
सिरोही. खाद्य सामग्री निर्माण इकाइयों में नाप-तोल उपकरणों की जांच के लिए अभियान चलाया गया। इसके तहत नाप-तोल उपकरणों में घालमेल दिखने पर जुर्माना लगाया गया। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निर्देशानुसार विधिक माप विज्ञान प्रकोष्ठ की ओर से डिब्बाबंद वस्तुओं की शुद्ध मात्रा एवं नाप-तोल उपकरणों की जांच के लिए विशेष अभियान के तहत विभिन्न खाद्य निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया गया।
इन इकाइयों में की जांच
विधिक माप विज्ञान अधिकारी हिमानीसिंह सोलंकी की ओर से रीको इंडस्ट्रियल एरिया स्थित खंडेला मिनरल प्राइवेट लिमिटेड, हीरा बेकरी, जावाल स्थित अग्रवाल ऑयल कंपनी व बायोसा फ्लोर मिल का निरीक्षण किया गया। इस दौरान खाद्य सामग्री की शुद्ध मात्रा, नाप-तोल उपकरणों के सत्यापन एवं पैकिंग लाइसेंस की जांच की गई।
सत्यापन प्रमाणपत्र प्रदर्शित नहीं मिला
जांच के दौरान सत्यापन प्रमाणपत्र प्रदर्शित नहीं करने जैसी अनियमितता पाए जाने पर विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 एवं विधिक माप विज्ञान (डिब्बाबंद वस्तुएं) नियम 2011 के तहत कुल तीन हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। विधिक माप विज्ञान अधिकारी ने बताया कि उपभोक्ता हितों की सुरक्षा, पारदर्शी व्यापार व्यवस्था तथा बाजार में निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आकस्मिक जांच अभियान निरंतर जारी रहेगा।
उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी
आगामी दिनों में भी अन्य पैकबंद वस्तुओं की जांच की जाएगी। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने सभी व्यापारियों से अपील की है कि वे पैकबंद वस्तुओं पर निर्धारित विधिक घोषणाओं, अधिकतम खुदरा मूल्य एवं अन्य अनिवार्य प्रावधानों का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित करें।



