ड्राय प्रदेश गुजरात को शराब आपूर्ति कर रहे राजस्थान के ठेकेदार
- तस्करी के जरिए गुजरात भेज रहे सरकारी ठेकों की शराब
- पुलिस कार्रवाई में ठेकेदार व तस्करों का गठजोड़ उजागर
सिरोही. सरकारी ठेकों में बिकने के लिए आ रही शराब तस्करी के जरिए गुजरात भेजी जा रही है। शराब ठेकेदार व तस्करों के गठजोड़ का एक बार फिर खुलासा हुआ है। रोहिड़ा थाना पुलिस ने पाबा के समीप कार्रवाई करते हुए शराब भरे तीन वाहन जब्त किए है। गुजरात से सटे इस आदिवासी इलाके में पुलिस को वाहनों में राजस्थान में बिक्री के लिए निर्मित शराब भरी मिली। बताया जा रहा है कि तीनों वाहन गुजरात के है तथा यहां शराब भरने आए थे। पुलिस गश्त या नाकाबंदी को देखते हुए चालक वाहन छोड़ फरार हो गए। पुलिस ने शराब भरे तीनों वाहन जब्त कर लिए।
आबकारी की मौन स्वीकृति में गठजोड़
गुजरात से सटे इलाकों में चल रहे राजस्थान के ठेकों से भारी मात्रा में शराब तस्करी की जा रही है, लेकिन आबकारी महकमा हाथ पर हाथ बैठा है। शायद महकमे की मौन स्वीकृति में ठेकेदार व तस्करों का गठजोड़ चल रहा है। यही कारण है कि ठेकेदार वाहनों में अवैध रूप से माल लोडिंग कर सीधे गुजरात भेज रहे हैं, लेकिन आबकारी महकमा कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।
आबकारी की चुप्पी में बढ़ रही तस्करी
पिछले कुछ समय में ही जिले में कई जगह ऐसी कार्रवाई सामने आ चुकी है, जिसमें पुलिस ने गुजरात जा रही राजस्थान निर्मित शराब जब्त की है। सरकारी ठेकों में बिकने के लिए आता माल ठेकेदार व तस्कर मिलकर गुजरात भेज रहे हैं। मंडार के समीप मैथीपुरा, भटाणा, रेवदर, दांतराई और आबूरोड से सटे कई गांवों के ठेकों से यह सिलसिला बदस्तूर जारी है। महकमे की ओर से सख्ती बरती जाए तो इस तरह के मामलों पर अंकुश लग सकता है, लेकिन इतने बड़े रैकेट के बावजूद आबकारी महकमे की चुप्पी समझ से परे है।
शराब भरी दो जीप व एक वैन जब्त
उधर, रोहिड़ा पुलिस निरीक्षक अमराराम खोखर ने बताया कि थाना क्षेत्र की नाडियाफली पाबा में शराब तस्करी की सूचना पर कार्रवाई के दौरान अंग्रेजी शराब व बीयर से भरे तीन वाहन जब्त किए गए। इनमें से एक गुजरात पासिंग वैन, जोधपुर पासिंग जीप व एक बिना नम्बर की जीप शामिल है। वाहनों से कुल 218 कर्टन शराब बरामद की गई। तस्करी में शामिल आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
बंद रहते हैं फील्ड अफसरों के फोन
आबकारी महकमे में फील्ड अफसरों के फोन तक बंद रहते हैं। ऐसे में तस्करी पर निगरानी कैसे रख पाते होंगे यह आसानी से सोचा जा सकता है। शराब भरे तीन वाहन मिलने के मामले में जानकारी के लिए जिला आबकारी अधिकारी अजय जैन व आबूरोड आबकारी निरीक्षक भंवरलाल से सम्पर्क किया गया, लेकिन लगातार प्रयास के बावजूद सम्पर्क नहीं हो पाया। जिला अधिकारी का फोन लगातार नोट रिचेबल मिला, जबकि फील्ड पोस्टिंग वाले निरीक्षक का फोन स्वीच ऑफ ही था।



