- नहीं सुधर पा रही जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं
- प्रभारी मंत्री ने गुणगान किया पर मरीज की परतें खोल दी
सिरोही. जिला प्रभारी मंत्री केके बिश्नोई ने शुक्रवार को जिला अस्पताल का दौरा किया। यहां बीस मिनट का भ्रमण कर व्यवस्थाओं को देखा तथा गदगद हो गए। शायद इसीलिए दौरे के बाद जब वे मीडिया से रूबरू हुए तो सुविधाएं और व्यवस्थाओं को बेहतरीन बताया। अपनी ओर से वे जिला अस्पताल की चमक-दमक दिखाना चाह रहे थे। इस गरज से कि उनकी सरकार बहुत अच्छा कार्य कर रही है। तभी एक सवाल सामने आया कि सर, अस्पताल में कुप्रबंधन को लेकर पहले भी जनप्रतिनिधि फटकार लगा चुके हैं तो क्या लगता है सुधार कब होगा। प्रभारी मंत्री ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया फटकारों का असर ही है कि व्यवस्थाएं सुधर गई है। ऐसा कहने के साथ वे अपनी कार की ओर बढ़े, लेकिन तभी एक मरीज सामने आया और अपनी व्यथा रख दी। बताया कि साहब तीन दिन से बैठा हूं कोई भर्ती नहीं कर रहा। अब मंत्री सकपका गए। तत्काल ही पास खड़े एक चिकित्सक से कहा आप इसे देखिए और कार में बैठ गए।
समय पर ऑपरेशन तक नहीं हो रहे
इस दौरान वहीं खड़े एक युवक ने इस संवाददाता को बताया कि अस्पताल की व्यवस्थाएं पूरी तरह बदहाल है। वे अपनी मौसी को लेकर यहां आए थे। मौसी के पैर में चोट आई हैं। यहां चिकित्सक को दिखाया तो ऑपरेशन का बताया, लेकिन साथ ही बता रहे हैं कि ऑपरेशन पांच दिन बाद हो सकेगा। अब इतने दिन तो कैसे रहे इसलिए वे मौसी को उदयपुर लेकर जा रहे हैं।
ऐसा दौरा और व्यवस्थाओं से खुश
जिला प्रभारी मंत्री ने यहां ट्रोमा सेंटर में उपचाररत एक-दो मरीजों से हालचाल पूछा। फिर दरवाजे पर खड़ीं नर्सिंग छात्राओं से बात की। इसके बाद निशुल्क दवा काउंटर पर जानकारी ली। फिर नर्सिंग अधीक्षक के ऑफिस में गए। वहां से सीधे आईसीयू वार्ड में एवं इस वार्ड से दो मिनट में ही वापस। पता नहीं अस्पताल के पीएमओ ने उन्हें ऐसा क्या दिखा दिया कि बाहर आने के बाद वे व्यवस्थाओं को देख खुश नजर आए। उन्हें न तो चैम्बर छोड़ कर साथ चल रहे चिकित्सक व नर्सिंगकर्मी नजर आए और न कक्षों के बाहर इंतजार में बैठे मरीज। अब चिकित्सक व नर्सिंगकर्मी उनके साथ क्यों चल रहे थे और पीएमओ ने उन्हें इतनी छूट कैसे दी यह वे ही बता सकते हैं।

पीएम की अपील का कोई असर नहीं
संसाधनों के सीमित उपयोग की प्रधानमंत्री की अपील प्रभारी मंत्री के लिए गौण साबित हो रही है। इन पर मानों इसका कोई असर नहीं हो रहा। मंत्री पूरे तामझाम के साथ अस्पताल पहुंचे। उनके काफिले में करीब दस गाडिय़ां शामिल रही। भाजपा जिलाध्यक्ष भले ही मंत्री की कार में बैठी रहीं पर उनकी कार काफिले में चलती रही। आगे एस्कॉर्ट वाहन और पीछे जिला प्रमुख, एससी मोर्चा अध्यक्ष, प्रधान, एसपी, एडीएम, सीएमएचओ समेत अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधियों के वाहन काफिले में चलते रहे।
हमारी भावना में कोई चूक नहीं है
जिला सूचना केंद्र में विकास प्रदर्शनी के प्रभारी मंत्री मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने सरकार की उपलब्धियों का बखान करते हुए विभिन्न बिंदुओं पर कसीदें काढ़े। इस दौरान मीडियाकर्मियों ने पूछा कि माउंट आबू में शहर से सटे सीतावन के बाशिंदों को अपने घरों की मरम्मत के लिए भी जूझना पड़ रहा है, मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। जबकि, रसूखदार लोग होटलों का निर्माण आराम से करवा रहे हैं, ऐसा क्यों। इस पर जवाब मिला कि ऐसा नहीं है अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का हम काम कर रहे हैं। हमारी भावना में कोई चूक हो जाए ऐसी बात नहीं है, फिर भी कहीं कोई दिक्कत है तो विषय को दिखवाकर समस्या निपटाएंगे।



