- कार्यालय परिसर में दिखा ड्राई फ्रूट्स के दस पीसेज का कर्टन
- अवैध खनन की गर्माहट के बीच कर्टन कुछ इशारा करता है
सिरोही. अवैध खनन रूकवाने की जिम्मेदारी वाले महकमे के अफसर ड्राई फ्रूट्स से हलक तर कर रहे हैं। खनिज विभाग कार्यालय में पड़ा एक कर्टन भी इसकी पुष्टि कर रहा है। चौंकना लाजिमी पर हकीकत यही है। कर्टन पर जेके लक्ष्मी सीमेंट का स्टीकर लगा हुआ है। इस पर ड्राई फ्रूट बॉक्स दस पीस भी लिख रखा है। अब यह कर्टन खनिज विभाग कार्यालय में कैसे आया और कौन लेकर आया यह तो पता नहीं पर इतना तय है कि पिछले कुछ समय से जेके लक्ष्मी सीमेंट में अवैध खनन का मामला गर्माया हुआ है और जांच के लिए कमेटियां भी गठित कर रखी है। मामला खनिज विभाग से जुड़ा हुआ है तो कर्टन का यहां होना कुछ न कुछ तो दर्शाता ही है। इस सम्बंध में खनिज अभियंता चंदनकुमार से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
पार्किंग की अलमारी पर रखा कर्टन
खनिज विभाग कार्यालय में घुसते ही कार का गैराज है। इसके पीछे बाइक पार्किंग स्टैंड है, जहां लकड़ी की एक अलमारी रखी है। इस पर ही यह कर्टन रखा हुआ है। ड्राई फ्रूट्स का यह कर्टन अब खाली है, लेकिन कार्यालय परिसर में इसकी मौजूदगी कहीं न कहीं सीमेंट कंपनी से तार तो जोड़ती ही है।
शायद नजराना मिलने से नजरे इनायत
बताया जा रहा है कि अवैध खनन हो या नियमों के विपरीत कार्य, रसूखदारों पर कार्रवाई करने से महकमा वैसे भी कतराता है। फिर कुछ भेंट मिल जाए तो कहना ही क्या। नजराना मिलने से नजरे इनायत होना लाजिमी है। शायद यही कारण रहा कि सीमेंट कंपनी पर अवैध खनन के आरोप लगने पर भी न तो जांच हो पा रही है और न कार्रवाई।
लीज से बाहर खनन का आरोप
उल्लेखनीय है कि इन दिनों जेके लक्ष्मी सीमेंट कंपनी में लीज से बाहर जाकर खनन का मामला गर्माया हुआ है, लेकिन जांच सिरे तक नहीं पहुंच पाई। सांसद लुम्बाराम चौधरी इस मामले में लगातार मुखर हो रहे हैं। दिशा कमेटी की बैठक में उनके निर्देशों के बाद पिण्डवाड़ा एसडीएम की ओर से जांच की गई, लेकिन प्रस्तुत जांच रिपोर्ट ही प्रथमदृष्टया झूठी साबित हो गई। अब जिला कलक्टर ने मामले की जांच के लिए वापस नई कमेटी गठित की है। अब यह कमेटी भी निष्पक्ष जांच कर पाती है या नहीं यह समय की गर्त में है।



