महकमों की चुप्पी में बजरी खनन से चांदी काट रहे माफिया

- जिला मुख्यालय से सटे कृष्णगंज में अवैध खनन जोरों पर
- दिन के उजाले में ही नदियों से निकाली जा रही बजरी
सिरोही. जिला मुख्यालय से सटे कृष्णगंज क्षेत्र में भी बजरी का अवैध खनन जोरों पर है। गांव में पुलिस चौकी के बावजूद खनन माफिया बेखौफ हो रहे हैं। रात तो रात दिन के उजाले में भी आसानी से बजरी निकाली जा रही है। बजरी भरे ट्रैक्टर रात-दिन दौड़ रहे हैं, लेकिन इनको पकडऩा तो दूर रोकने की जहमत भी कोई नहीं उठा रहा। बताया जा रहा है कि खनिज विभाग व पुलिस की चुप्पी में खनन माफिया चांदी काट रहे हैं।
नहीं हो रहे रोकथाम के खास प्रयास
बताया जा रहा है कि कृष्णगंज गांव के समीप नदी-नालों में लम्बे समय से खनन चल रहा है। यहां से निकाली गई बजरी आसपास के गांवों में पहुंचाई जा रही है, लेकिन रोकथाम के कोई खास प्रयास नहीं हो रहे। खनन रोकने वाले जिम्मेदार मौन बैठे नजर आ रहे हैं एवं इनकी चुप्पी खनन माफिया को शह दे रही है।
जब्त करने की जहमत नहीं उठा रहे
सूत्र बताते हैं कि जिले में बजरी का अवैध खनन रोकने की दिशा में ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे। लिहाजा रात-दिन नदी-नालों का दोहन किया जा रहा है। महकमे की बेपरवाही का आलम तो यह है कि कई जगहों पर माफिया ने बजरी का अवैध रूप से स्टॉक तक कर रखा है, लेकिन जब्त करने की जहमत नहीं उठा रहे। रात-दिन चल रहे खनन एवं अवैध स्टॉक पर नजरें इनायत क्यों कर रखी है यह आसानी से सोच सकते है।
साठगांठ से चल रहा बजरी खनन
उधर, ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खनन माफिया ने पुलिस व खनिज महकमे के कार्मिकों के साथ साठगांठ कर रखी है। ऐसे में इन पर कार्रवाई नहीं की जा रही। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के नदी-नालों में अर्से से बजरी खनन किया जा रहा है। मशीनों से ट्रैक्टर ट्रॉलियों में बजरी भराई कर रहे हैं, लेकिन यह किसी को नजर नहीं आ रहा। नदियों के दोहन से जलस्तर पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।



