
- बाबा साहेब की प्रतिमा खंडित करने से उपजा आक्रोश
- नारेबाजी से जताया विरोध और निष्पक्ष जांच की मांग
सिरोही. खांबल गांव में बाबा साहेब डॉ.भीमराव अंबेडक़र की प्रतिमा को खंडित किए जाने पर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। गुस्साए लोगों ने गांव से रामपुरा होते हुए कई किमी पदयात्रा निकालते हुए रोष जताया। आक्रोशित लोग नारेबाजी करते हुए कलक्ट्री पहुंचे तथा जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर मामले में निष्पक्ष जांच की मांग रखी। ग्रामीणों का कहना रहा कि प्रतिमा खंडित करने के मामले में दो दिन हो गए, लेकिन आरोपियों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।
राज्यमंत्री व सांसद के खिलाफ लगे नारे
पदयात्रा के दौरान आक्रोशित लोगों ने राज्यमंत्री ओटाराम देवासी व सांसद लुम्बाराम चौधरी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों ने बताया कि वारदात के बाद एकत्र हुए ग्रामीणों से समझाइश करते हुए आरोपियों को जल्द ही पकडऩे का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
फुटेज व बिजली गुल की तकनीकी जांच हों
जिला कलक्टर को दिए ज्ञापन में आरोपियों को जल्द पकडऩे की मांग रखी गई है। ग्रामीणों ने बताया कि घटना के दौरान बिजली गुल होना एवं फुटेज डिलीट हो जाना संदेह दर्शाता है। ज्ञापन में बताया कि प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। गांव में सीसी टीवी कैमरों की मेमोरी डिलीट होने एवं घटना के समय बिजली गुल होने की तकनीकी जांच कराई जाएं। साथ ही घटना में सम्मिलित दोषियों की पहचान कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने एवं इसमें संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की जांच किए जाने की भी मांग रखी।

समाजकंटकों ने रात में खंडित कर दी प्रतिमा
उल्लेखनीय है कि गत 11 अप्रेल की रात को खांबल गांव में बाबा साहेब की प्रतिमा को किसी ने खंडित कर दिया। सुबह जानकारी मिलने पर आक्रोशित ग्रामीण एकत्र हुए तथा विरोध-प्रदर्शन किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस इस प्रकरण की गहन एवं निष्पक्ष रूप से जांच नहीं कर रही है।

इसलिए ग्रामीण जता रहे संदेह
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने चौबीस घंटे में आरोपियों को पकडऩे का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। रात को दो मिनट के घटनाक्रम के आधार पर गांव के एक टेम्पो की उपस्थिति देखी गई है। इस आधार पर दो-तीन युवकों को हिरासत में लिया गया है, लेकिन गहन एवं निष्पक्ष जांच नहीं की जा रही। आरोप है कि गांव में रात ढाई बजे के आसपास ग्राम पंचायत क्षेत्र में लगे कैमरे बंद हो गए तथा बिजली भी गुल हो गई। कुल सात सीसी टीवी कैमरे हैं, जिनमें से छह की मेेमोरी डिलीट हो गई। खासकर वे कैमरे, जो प्रतिमा के पीछे की ओर लगे हुए थे। समुचित जांच नहीं होने से ग्रामीणों ने संदेह जताया है।



