- सिलसिलेवार कट रही मगरियां अब प्लॉट में तब्दील हो रही
- सरकारी कार्यालयों की नाक के नीचे चल रहा कटाई का काम
सिरोही. एक के बाद एक मगरियां काटने का सिलसिला जारी रहने से पुरानी मगरियों के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। शहर में पुराना बस स्टैंड के समीप कुछ महीने पहले एक मगरी पूरी तरह काटी जा चुकी है। अब यहां केवल भूखंड नजर आता है। इन दिनों इसके सामने की मगरी काटी जा रही है। पिछले कुछ दिनों से मगरी काटने का कार्य यहां जोरों पर चल रहा है। लिहाजा कुछ दिनों में ही यह मगरी भूखंड में तब्दील हो जाएगी। वैसे इसके सामने ही वन विभाग का रेंजर कार्यालय है। वहीं, कुछ मीटर आगे कलक्ट्री व अन्य सरकारी विभागों के कार्यालय भी है, लेकिन मगरी बचाने के कोई प्रयास नहीं किए जा रहे।
मलबा और पत्थर बाहर भेज रहे
बताया जा रहा है कि समतल करने के लिए मगरी के निचले हिस्से को काट रहे हैं। मलबा और पत्थर आदि ट्रैक्टर ट्रॉलियों व वाहनों के जरिए अन्य जगह भेजा जा रहा है। समतल होने के बाद भूखंड पर निर्माण सामग्री डाल दी जाएगी। इसके सामने देवेश्वर महादेव मंदिर के बाहर की मगरी का भी कमोबेश यही हाल हो चुका है।

शहर के बीच दिन-दहाड़े कट रही मगरियां
शहर के बीचोंबीच दिन-दहाड़े मगरियां कट रही है, लेकिन इनको बचाने की दिशा में कोई आगे नहीं आ रहा। सरकारी मंत्र मानों कहीं सोया है या चुप्पी साधे बैठा है। उधर, शहर के जागरूक लोगों ने मगरियों के अस्तित्व को बचाने की मांग रखी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।

कटाई दुर्भाग्यपूर्ण, अधिकारी उदासीन
इस सम्बंध में द हिंदू वेव के जिला संयोजक हरीश दवे का कहना रहा कि इस तरह से मगरियों की कटाई दुर्भाग्यपूर्ण है। अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। निवर्तमान पार्षद प्रवीणकुमार राठौड़ ने भी चिंता जताई है। बताया कि मगरियां कट रही है, लेकिन अधिकारी उदासीन बने हुए हैं।



