
- दिनभर घर में छुपाए रखा शव और रात को बाहर रख आया
- प्राकृतिक मृत्यु दर्शाने को शहीद स्मारक के पास रखा शव
सिरोही. सरूपगंज थाना क्षेत्र के भूला गांव में मजदूर की हत्या का राजफाश करते हुए पुलिस ने एक जने को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मृतक का दोस्त है तथा शराब पार्टी के बाद झगड़ा होने से हत्या करना बताया जा रहा है। वहीं, हत्या को प्राकृतिक मृत्यु दर्शाने की खातिर शव को शहीद स्मारक के पास रख दिया, ताकि लोगों को यही लगे कि अत्यधिक शराब पीने से मौत हो गई।
थाना प्रभारी गीतासिंह के अनुसार गत 30 नवम्बर को भूला स्थित लीलुड़ी-बड़ली शहीद स्मारक के पास एक शव पड़ा होने की सूचना मिली थी। पास ही पड़े थैले की जांच करने पर उसकी शिनाख्त हुई। मृतक की पहचान भूलसी-रघुल (हमीरपुर-उत्तरप्रदेश) निवासी जयपाल पुत्र डीबिया के रूप में की गई। उसके भाई बाबू पुत्र डीबिया उर्फ दिबिया प्रजापत ने की तथा अज्ञात लोगों पर हत्या का मामला दर्ज करवाया। इसके बाद पुलिस ने टीम गठित कर जांच शुरू की तथा खुलासा किया।
इसलिए टेढ़ी खीर था मामला सुलझाना
पुलिस के लिए इस हत्या की गुत्थी सुलझाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा था। मृतक गांवों में फेरी लगाकर गुब्बारें बेचता था। वह भूला में ही रहता था। यह इलाका आदिवासी व पहाड़ी होने से तकनीकी व सीसी टीवी फुटेज मिलना मुश्किल था। ऐसे में मुखबीर तंत्र के जरिए आरोपी तक पहुंचा जा सका।
गले में पहले दुपट्टे से गला घोंट दिया
पुलिस के अनुसार मुखबीर तंत्र से गांव के नोनाराम पुत्र सवाराम गमेती भील पर संदेह हुआ। इसके बाद उसे पहाडिय़ों से दस्तियाब कर लाया गया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने हत्या करना स्वीकार किया। बताया कि 29 नवम्बर की सुबह जयपाल उसके घर आया था। शराब पार्टी के दौरान इनके बीच झगड़ा हो गया। मारपीट में जयपाल नीचे गिरा तो सिर में पत्थर की चोट लग गई। फिर नोनाराम ने गले में बंधे दुपट्टे से गला घोंट दिया। इसके बाद शव को दिनभर घर में ही छुपाकर रखा। रात को शहीद स्मारक के बाहर दीवार के सहारे शव व उसका थैला रख आया, ताकि शराब पीकर मृत्यु होने जैसा दिखे।



