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बह गया पांच करोड़ का बहुप्रतीक्षित रोवाड़ा मार्ग

  • पहली व हल्की बारिश में ही दगा दे गया, गुणवत्ता पर उठे सवाल
  • पांच करोड़ की लागत से बनी 6 किमी रोवाड़ा-मनादर सडक़

सिरोही. बहुप्रतीक्षित मनादर-रोवाड़ा सडक़ पहली और हल्की बारिश में ही दगा दे गई। पांच करोड़ रुपए की लागत से बनी यह सडक़ हाल ही में तैयार हुई है। इस क्षेत्र में इन दिनों में हल्की बारिश ही दर्ज की गई है। ऐसे में इस सडक़ का टूटना गुणवत्ता में कमी दर्शाता है। चाहे जो हो, लेकिन करोड़ों की लागत से बनी सडक़ का कुछ ही दिनों में क्षतिग्रस्त होना सवाल खड़े करता है। गारंटी अवधि में होने से भले ही सडक़ की मरम्मत हो जाएगी, लेकिन इस अवधि के बाद करोड़ों की लागत मिट्टी में मिल ही जाएगी। कई सालों से इस सडक़ की मांग की जा रही थी। इसके बाद राज्य सडक़ निधि से इस छह किमी सडक़ निर्माण के लिए 4.98 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए थे।

कम हो जाती है कई किमी की दूरी
जालोर व सिरोही जिले का बड़ा हिस्सा शिवगंज व सुमेरपुर से जुडऩे के लिए रोवाड़ा वाले इस मार्ग पर निर्भर है। यहां से गुजरने पर वाहन चालकों के लिए कई किमी की दूरी कम हो जाती है। जालोर के हरजी, आहोर एवं सिरोही के कैलाशनगर, मनादर समेत कई गांवों के लोग शिवगंज व सुमेरपुर के लिए इसी मार्ग से गुजरते हैं।

लम्बे समय से अटकी थी सडक़
मनादर-रोवाड़ा सडक़ मार्ग लम्बे समय से अटका हुआ था। गत कांग्रेस सरकार के दौरान इस सडक़ को बनाने का कार्य शुरू किया गया, लेकिन फॉरेस्ट क्लीयरेंस बकाया होने से कार्य वापस अटक गया। ढाई वर्ष पहले सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार ने इसका कार्य वापस शुरू करवाया। हाल ही में इसका लोकार्पण किया गया था।

इस तरह बन पाई यह सडक़
मनादर-रोवाड़ा सडक़ के निर्माण में वन विभाग की अड़चन आ रही थी। ऐसे में सडक़ निर्माण अटका रहा। कुछ माह पहले विभागीय प्रक्रिया पूरी करते हुए मनादर के खाल-खद्दर भूमि में वन विभाग को 25 बीघा भूमि आवंटित करवाई गई। फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिलने के बाद इस सडक़ के निर्माण का रास्ता प्रशस्त हुआ। विभाग ने 4.98 करोड़ रुपए की लागत से करीब छह किमी का यह मार्ग बनाया है।

मरम्मत करवाई है…
मनादर-रोवाड़ा मार्ग पहाड़ी एरिया होने से कुछ डैमेज हुआ था। जानकारी मिलते ही टीम भेजी तथा इसकी मरम्मत करवा दी है।

  • दामोदर देवासी, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, सिरोही

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