आग नहीं अब इलेक्ट्रीक हीटर से पका रहे पारम्परिक देसी शराब
- आदिवासी इलाके में मिली शराब पकाने की आधुनिक भट्टियां
- ठिकाना गुप्त रखने के लिए आग और धुएं से बचने का तरीका
सिरोही. आबकारी महकमे ने आबूरोड क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में हथकढ़ शराब बरामद की है। वहीं, करीब दस हजार लीटर वॉश नष्ट कर दी। इस दौरान सामने आया कि देसी शराब के लिए भट्टियों को आधुनिक तरीके से तैयार कर रखा था। माना जा रहा है कि भट्टियों में लकडिय़ां लगाने से आग व धुआं एक तरह से ठिकाने का संकेत दे देता है। इससे बचने के लिए भट्टियों में इलेक्ट्रीक हीटर लगाए गए, ताकि आग की जरूरत ही न रहे। जिला आबकारी अधिकारी गजेंद्रसिंह राजपुरोहित ने बताया कि इस तरह की कार्रवाई आगामी दिनों में भी निरंतर जारी रहेगी।
हजारों लीटर वॉश नष्ट, दो गिरफ्तार
आबकारी महकमे की टीम ने आबूरोड क्षेत्र के गांव वासडा व तलवार नाका में दबिश दी। आबकारी व निरोधक दल की संयुक्त कार्रवाई में दो महत्वपूर्ण श्रेणी व दो साधारण श्रेणी के अभियोग दर्ज किए गए। वहीं, खेतों के किनारे जमीन में 500-500 लीटर के प्लास्टिक ड्रमों में भरी करीब दस हजार लीटर उत्तेजित वॉश को नष्ट किया गया।
खेत में लगा रखी थी इलेक्ट्रीक भट्टी
अधिकारी बताते हैं कि बकुराम पुत्र रेशमाराम गरासिया ने खेत में विद्युतचलित भट्टी लगा रखी थी। यहां से उपकरण व पांच लीटर हथकढ़ शराब एवं वासडा निवासी सोहनसिंह पुत्र सरतनसिंह राजपूत के रिहायशी मकान से करीब 52 लीटर हथकढ़ शराब जब्त कर ली गई। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, अन्य दो आरोपी फरार हो गए, जिनकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है।

दबिश में शामिल रही पूरे जिले की टीम
अवैध शराब निर्माण एवं भंडारण के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत जिला आबकारी अधिकारी गजेंद्रसिंह राजपुरोहित के निर्देशन में एवं ईपीएफ के सहायक आबकारी अधिकारी जगदीशराम बिश्नोई के नेतृत्व में दबिश दी गई। आबूरोड आबकारी निरीक्षक सुरेशकुमार देवासी, सिरोही निरीक्षक जेएन विक्रमसिंह, आबूरोड प्रहराधिकारी लेखराज गहलोत, रेवदर प्रहराधिकारी हरिसिंह समेत अन्य अधिकारी साथ रहे।



